निगम अफसरों ने 1.20 लाख रुपये का थोपा बिल
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प्रत्येक माह रीडिंग के बिल का भुगतान करने के बावजूद बिजली निगम के अफसरों ने मोहल्ला अर्जुन नगर के एक उपभोक्ता पर 1.20 लाख रुपये का बिल थोप दिया है।
उपभोक्ता का गुनाह सिर्फ इतना था कि उसके मीटर में आग लगने पर उसने निगम अफसरों को सूचित किया था। आर्थिक तंगी से बेहाल उपभोक्ता इस शोषण के चलते मानसिक रोग से ग्रस्त हो गया है।
मोहल्ला अर्जुननगर निवासी धर्मपाल सिंह मेहनत मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है। प्रत्येक महीने वह बिजली का पूरा बिल समय से पहले ही अदा कर देता है। इसकी तमाम रसीदें उसके पास मौजूद हैं।
बीते दिनों पीड़ित के विद्युत मीटर में आग लग गई थी। इसकी शिकायत उसने ऊर्जा निगम के अफसरों से की। मौके पर पहुंची टीम ने फुंके मीटर को उतारकर नया मीटर लगवा दिया। अगले ही महीने उपभोक्ता पर करीब 1.20 लाख रुपये का बिल थोप दिया गया।
हर महीने बिल जमा करने के बावजूद इतनी अधिक राशि का बिल देख उपभोक्ता मानसिक बीमारी से ग्रस्त हो गया। आश्चर्य की बात यह है कि ऊर्जा निगम के अफसर उपभोक्ता को आए दिन मीटर की जांच की बात कहकर चक्कर कटवा रहे हैं।
एक मीटर को बदलवाना उपभोक्ता के लिए जी का जंजाल बन गया है। यह पहला मामला नहीं है अधिकांश मीटर बदली के मामलों में उपभोक्ताओं का इसी तरह शोषण किया जाता है।
अधिशासी अभियंता पीके गौतम का कहना है कि इस संबंध में उनसे शिकायत नहीं की गई है। शिकायत मिलने पर समाधान का प्रयास किया जायेगा।