ठंड में दुकान के बाहर आग जलाकर तापते युवक। संवाद
हापुड़। जिला इन दिनों कड़ाके की ठंड और गलन की चपेट में है। रविवार को बर्फीली हवाओं और गलन ने ऐसी ठिठुरन बढ़ाई की लोग पूरे दिन कांपते रहे। दोपहर के समय हल्की धूप खिली, लेकिन शीतलहर के कारण बेदम नजर आई। गलन बढ़ने से न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले दस दिनों तक सर्दी से राहत मिलने के आसार नहीं है।
रविवार को सड़कों पर सुबह से ही सुस्ती छाई रही। आमतौर पर गुलजार रहने वाले चौराहों पर लोग जल्दी निकलने से बचते दिखे, जबकि बाजारों में भी आवाजाही देर से दिखी। घरों में अलाव और हीटर का सहारा बढ़ गया। सुबह-शाम चाय की दुकानों पर भीड़ जरूर दिख रही, लेकिन लोग ठंड से बचने के लिए जल्द ही घर लौटते नजर आए।
दोपहर के समय कुछ देर के लिए हल्की धूप खिली तो लोग अपने घरों की छतों और पार्कों में पहुंच गए, लेकिन ठंडी हवाओं ने उन्हें रुकने नहीं दिया। ऐसे में लोग दोबारा से घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। रविवार को अधिकतम 17 डिग्री और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार पांच किलोमीटर प्रति घंटा रही।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि बर्फीली हवाओं के साथ ही गलन का प्रकोप बढ़ने से ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। शीतलहर का यह दौर अभी थमने के आसार नहीं दिख रहा। तापमान में उतार-चढ़ाव के बावजूद बादलों और ठंडी हवाओं के चलते गलन बनी रह सकती है।