राजनगर कॉलोनी में जनसभा के दौरान सीएम ने वादों और दावों से क्षेत्र के लोगों को लुभाने की कोशिश की। उन्होंने बहादुरगढ़ को न्याय पंचायत का दर्जा दिलाने, ब्रजघाट को पर्यटन स्थल और खादर मेले को मानचित्र में स्थान व अनुदान दिलाने की घोषणा की।
पार्टी प्रत्याशी मदन चौहान के पक्ष में चुनावी जनसभा करने आए सीएम अखिलेश यादव ने सपा द्वारा कराए गए विकास कार्यों के बल पर पार्टी को फिर से जनमत देने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि तहसील क्षेत्र के सबसे बड़े गांव बहादुरगढ़ को
ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाकर सभी जन सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। साथ ही उन्होंने सदियों से उपेक्षित ब्रजघाट तीर्थनगरी को पर्यटक स्थली के रूप में विकसित कराने का वादा फिर से दोहराया। उन्होंने महाभारत कालीन कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान खादर मेले को प्रदेश मेला मानचित्र में स्थान दिलाकर शासन से अनुदान दिलाने का दावा भी किया।
मदन चौहान ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे सतपाल यादव का नाम लिया तो सीएम ने तल्ख लहजे में कहा कि रास्ता भटकने वाले सपा की मुख्यधारा में लौट आएं, अन्यथा पार्टी में अगली बार एंट्री नहीं मिलेगी।
सीएम ने कहा कि बिजली संकट को दूर करने के लिए सपा सरकार ने वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली बार मदन चौहान को काफी देर से मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन इस बार सरकार बनने पर इन्हें पहले ही मंत्री मंडल में जगह दी जाएगी।
वरिष्ठ नेता अरकान चौधरी, विधानसभा क्षेत्राध्यक्ष फारूख खां, पूर्व शहराध्यक्ष गफ्फार खां, पूर्व चेयरमैन कृष्णवीर ने कहा कि सीएम अखिलेश यादव ने जो वादे और दावे किए हैं, उन्हें सरकार बनने पर जरूर पूरा किया जाएगा। अध्यक्षता रामपाल प्रजापति और संचालन पूर्व जिलाध्यक्ष सुबोध नागर ने किया।
राज्यमंत्री राकेश यादव, भूषण शरण त्यागी, जिया अहमद, रविंद्र चौधरी, जिलाध्यक्ष किशन सिंह तोमर, पूर्व प्रमुख दिनेश यादव, जिला महामंत्री साजिद चौधरी, पूर्व चेयरमैन गब्बर सिंह, कांग्रेस शहराध्यक्ष हरीश पुरुषोत्तम, सपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष फारूख प्रधान,
शहराध्यक्ष शहजाद अली, गफ्फार खां, इकबाल बदरखा, खुशनूद जूनियर, डॉ.लताफत हुसैन, सुलेमान चौधरी, मसूद चौहान, भर्रो पंडित मुजम्मिल हयात, राकेश चौहान, समयसिंह, आरिफ प्रधान, साजदा बेगम, डॉ.शमशाद समेत काफी तादाद में लोग मौजूद रहे।
जनसभा के दौरान वादों और दावों की झड़ी लगाने वाले सीएम गन्ना भुगतान के मसले पर एक शब्द नहीं बोले। जनसभा में पहुंचे किसानों को उम्मीद थी कि सीएम भुगतान के संबंध में भी कोई घोषणा करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सीएम ने कहा कि आम जनता समेत छोटे कारोबारी अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, क्योंकि अपनी ही कमाई के पैसे निकालने पर भी लिमिट थोप दी गई है। 50 दिनों की मोहलत तो दूर बल्कि 90 दिन बीतने के बाद भी कैश न आने से खाली बैंक और एटीएम अब तक नहीं भर पा रहे हैं।
सीएम ने कहा कि परीक्षा देने की अनिवार्यता समाप्त कर अच्छे नंबर और फिजिकल फिटनेस वालों को पुलिस में भर्ती किया जाएगा।