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बंद होगा महमूदपुर में बन रहा रेलवे का अंडरपास

Sat, 28 Jan 2017 08:28 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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रेलवे का अंडरपास - फोटो : अमर उजाला
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महमूदपुर में बन रहे रेलवे के अंडरपास को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे मामले में शनिवार को रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित महापंचायत में इसे बंद करने की घोषणा कर दी गई।
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इससे पहले महापंचायत में भाकियू के सदस्यों ने अधिकारियों को दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। ग्रामीणों ने अब भी मतदान बहिष्कार का निर्णय वापस लेने की घोषणा नहीं की है।

गौरतलब है कि महमूदपुर गांव स्थित अंडरपास को मानकों के अनुसार न बनाए जाने का आरोप लगाते हुए इससे प्रभावित करीब दस गांवों के लोगों ने चुनाव बहिष्कार की घोषणा की थी। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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इसे संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन ने 28 जनवरी को रेलवे के अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ महापंचायत की। ग्रामीणों की इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन भी शामिल हुई।

शनिवार सुबह से ही महमूदपुर स्थित पड़ाव पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित होने शुरू हो गए। करीब 11 बजे दिल्ली से रेलवे एक्जीक्यूटिव इंजीनियर सूर्यकांत व कार्य निरीक्षक सुरेश सिंह व हापुड़ से तहसीलदार सुभाष सिंह पंचायत में पहुंचे।

किसानों ने तीनों को अपने बीच बिठाकर बंधक बना लिया और एलान कर दिया कि जब तक अंडरपास की समस्या का समाधान नहीं होता है, तब तक अधिकारियों को यहां से उठने नहीं दिया जाएगा।

इसी बीच एडीएम रजनीश राय भी मौके पर पहुंच गए। करीब दो घंटों की जद्दोजहद के बाद रेलवे के अधिकारियों ने यह बात स्वीकार कर ली कि इस अंडरपास को मानकों के अनुसार नहीं बनाया जा सकता। दरअसल, इसका कारण अंडरपास के एक छोर पर आ रहा बुलंदशहर रोड एनएच-235 है।

मानक के अनुसार अंडरपास से डेढ़ सौ मीटर पहले ढलान शुरू होनी चाहिए, लेकिन हाईवे की ओर जगह कम होने के कारण मात्र 70 मीटर से ढलान शुरू होती है। इसकी वजह से भैंसा बुग्गी या भरी हुई ट्रैक्टर ट्राली चढ़ने में मुश्किल होती है।

रेलवे के अधिकारियों द्वारा मानकों के अनुसार अंडरपास न बनाए जाने पर हाथ खड़े करने के बाद एडीएम रजनीश राय ने अंडरपास को सोमवार से भराव कर बंद कराने की घोषणा कर दी। ग्रामीणों ने सोमवार को प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के आधार पर मतदान बहिष्कार की घोषणा पर विचार करने का फैसला लिया है।

महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय सचिव सतवीर सिंह, जिलाध्यक्ष धनवीर सिंह, बुलंदशहर जिलाध्यक्ष बिशन सिंह, जिला उपाध्यक्ष यशवीर सिंह, कमल सिंह, नितिन बाना, जतिन आदि भी उपस्थित रहे।

जिस समय महापंचायत चल रही थी, उसी समय बंद गोभी से भरा ट्रैक्टर अंडरपास की चढ़ाई पर मिट्टी में धंस गया। इसे निकालने के लिए ग्रामीणों को अच्छी खासी मशक्कत करनी पड़ी। गुस्साए किसान अधिकारियों को मौके पर ले गए और उन्हें दिखाया कि वह कितनी परेशानियों से जूझ रहे हैं।

महापंचायत समाप्त होने के बाद एडीएम व दूसरे अधिकारी जा चुके थे और तहसीलदार सुभाष सिंह जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी अपने हक में आए फैसले से उत्साहित कुछ ग्रामीणों ने एक पार्टी के पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी।
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इस पर तहसीलदार भड़क गए। उन्होंने आयोजकों को बुलाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी तक दे दी। इसके बाद आनन फानन में पंचायत को खत्म कर दिया गया।
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