मौसम में बदलाव बच्चों पर भारी पड़ने लगा है। निमोनिया से पीड़ित करीब दो दर्जन बच्चे रोजाना जिला महिला चिकित्सालय में आ रहे हैं। वहीं चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों को सर्दी से बचाने व समय से उपचार दिलाने की हिदायत दी है।
थोड़ी लापरवाही बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। एक सप्ताह के अंदर मौसम में काफी बदलाव आया है, तापमान में तेजी से गिरावट आई है। आलम यह है कि प्रतिदिन औसतन दो दर्जन निमोनिया से पीड़ित बच्चे कोठीगेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पहुंच रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिखा ने बताया कि निमोनिया बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। अभिभावक बच्चों को समय से चिकित्सक के पास ले जाकर इलाज कराएं।
एसीएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा का कहना है कि मौसम में बदलाव से निमोनिया का वायरस सक्रिय हो रहा है। अभिभावक बच्चों की सेहत का ध्यान रखें, लक्षण दिखने पर चिकित्सक की सलाह लें।