चाकलेट-डे पर कड़वाहट दूर कर अपनों तक अपनी मिठास पहुंचाने का सिलसिला बृहस्पतिवार को दिन भर जारी रहा। इसके साथ ही बाजार में भी चाकलेट डे की विभिन्न वैरायटी मौजूद रही। वेलेंटाइन वीक का तीसरा दिन चाकलेट डे के रूप में मनाया गया।
चाकलेट डे हर उम्र वर्ग के लोगों के लिए खास रहा। बच्चे, टीन एजर्स, यंगस्टर्स सभी चाकलेट डे के संग रिश्तों में मिठास और खुशियां घोलते रहे। बाजार में चाकलेट की वैरायटी की उपलब्ध रही। बच्चा पार्टी में चाकलेट डे को लेकर खासा जोश है।
दोस्त एक-दूसरे को चाकलेट देकर हैप्पी चाकलेट डे विश कर रहे थे। इतना ही नहीं रुठे हुए को मनाने में चाकलेट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्यार का पहला खत लिखने में वक्त तो लगता है...हमने सनम को खत लिखा...कागज कलम दवात ला लिख दू दिल तेरे नाम.....कोरे कागज पर अल्फाज बन उतरते नाजुक एहसासों की छूने दो दिलों को करीब ले आती थी। आज ये गीत अतीत बन चुके हैं।
हमदम की खुशबू से भरे खतों का सिलसिला अब थम गया है। सूचना क्रांति के विस्फोट ने इजहार-ए-इश्क के तौर तरीके भी बदल दिए हैं। कभी आहिस्ता-आहिस्ता परवान चढने वाला प्यार अब फास्ट फॉरवर्ड हो गया है। वक्त लगने वाले खत खामोश हैं।
मोबाइल पर खटपट करती उंगलियां चंद सेकेंड में जज्बातों को साथी तक पहुंचा देती है। फेसबुक हर पल पास रखती हैं। बंदिशों में भी चाहत का दामन थामने वाले, खत के जरिए ही अपनी भावनाएं बयां करते थे। फिल्मों में भी प्यार की चिट्ठी के तराने गूंजा करते थे,
लेकिन अब मोहब्बत हाईटेक हो गई है। दिल की बात कहना आसान हो गया है। इंटरनेट चैटिंग का बड़ा माध्यम बन चुका है। एक किल्क में इश्क की दुनिया सिमट गई है।