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माता के जयकारों से गूंजे शहर के मंदिर

Tue, 28 Mar 2017 09:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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नवरात्र - फोटो : अमर उजाला
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चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना करने के लिए शहर के देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। कलश की स्थापना कर भोर से ही पूजा अर्चना का क्रम शुरू हो गया। देर रात तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
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इस दौरान मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंजते रहे। मंगलवार सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की कतारें लगी रहीं। दिन भक्तों ने रोली-चावल, बतासे लौंग आदि से मां शैलपुत्री का पूजन किया।
इससे पहले भक्तों ने घर में विधि विधान से मां की स्तुति की। शाम को मंदिरों में देवी का मनोहारी शृंगार किया गया। शहर के प्रमुख चंडी मंदिर, बुलंदशहर रोड स्थित मंशा देवी मंदिर,  शीतला माता मंदिर, हरमिलापी मंदिर, फ्रीगंज रोड स्थित देवी मंदिर सहित अनेक मंदिरों में देर रात श्रद्धालु पूजा अर्चना करते रहे।
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गढ़मुक्तेश्वर में ब्रजघाट के अमृत परिसर मंदिर, गढ़ के गंगा मंदिर, पंचायती मंदिर, दुर्गा मंदिर, चौपला के काली मंदिर, दत्तियाना के लाल मंदिर, कल्याणपुर के कल्याणेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले भक्तों का तांता लगा रहा।

पंडित रमाशंकर तिवारी ने कहा कि नवरात्र में सच्ची निष्ठा के साथ उपवास रखकर देवी मां की पूजा अर्चना करने वालों की सभी मनोकामना अवश्य पूरी होती हैं।

पिलखुवा में सुबह पांच बजे से ही नगर के चंडी मंदिर, छोटी चंडी, राधा कृष्ण मंदिर, तीन मूर्ति मंदिर, महमाई मंदिर, हनुमान मंदिर, ठाकुर द्वारा मंदिर, गुल्लू बाबा मंदिर में श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे।

पंडित अजय शर्मा ने बताया कि पर्वत राज हिमालय के यहां पुत्री रुप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। पूर्व जन्म में ये प्रजापति दक्ष की कन्या थीं। मां शैलपुत्री की शक्तियां अनंत हैं।
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