संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। क्षेत्र के ग्रामीणों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा देने के उद्देश्य से गांव बहादुरगढ़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य शुरू कराया था, जो मार्च 2020 में चालू होना था। शासन-प्रशासन की लापरवाही से अब तक सीएचसी का भवन वीरान पड़ा है।
सपा कार्यकाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनना प्रस्तावित हुआ था। भाजपा सरकार बनने के बाद साल 2017 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बनाने का जिम्मा कार्यदायी संस्था यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड बुलंदशहर को मिला था। जिसका निर्माण कार्य तीन अप्रैल 2017 को शुरू कराया गया। निर्माण कार्य 31 मार्च 2020 को पूरा कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द किया जाना था, जिसकी लागत 6 करोड़ 4 लाख 94 हजार रुपये है। तीन साल बीत गए लेकिन, अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी तक चालू नहीं हो सकी है। जिससे आसपास के करीब एक दर्जन गांव के लोगों को उपचार के लिए गढ़ सीएचसी में आना पड़ता है।
- लाखों ग्रामीणों को मिलेना था लाभ
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तैयार होने से एक दर्जन गांवों के करीब दो लाख ग्रामीणों को उपचार कराना आसान होता, सीएचसी में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होनी थी। गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को समुचित उपचार मिलना था लेकिन, अस्पताल का शुभारंभ नहीं होने के कारण मरीजों को गढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जो बहादुरगढ़ से करीब 25 किलोमीटर दूर आना पड़ता है।
विधायक हरेंद्र तेवतिया ने कहा कि कार्यदायी संस्था द्वारा अस्पताल का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण करा दिया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया जाएगा। जल्द ही गढ़ क्षेत्र के बहादुरगढ़ सीएचसी में सुविधा दिलाकर चालू करा दी जाएगी।