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धूमधाम से मनाया गया गुरुपर्व

Thu, 05 Jan 2017 08:42 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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गुरुपर्व - फोटो : अमर उजाला
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सिखों के गुरु गोविंद सिंह का 350वां गुरुपर्व बृहस्पतिवार को धूमधाम से मनाया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर की धर्म प्रचार कमेटी उत्तर प्रदेश सिक्ख मिशन हापुड़ के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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अखंड पाठ के बाद अटूट लंगर का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में श्री अखंड पाठ साहिब जी की समिति उपरांत हजूरी रागी जत्था भाई ब्रह्म सिंह ने गुरुबानी से संगत को निहाल कर दिया।

इसके बाद प्रचारक प्रवीन सिंह ने गुरु जी के इतिहास के संबंध से विस्तार से बताया। उत्तर प्रदेश सिक्ख मिशन के प्रभारी ब्रजपाल सिंह ने गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा किए गए कार्यों का बखान किया।
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उन्होंने बताया कि अकाल तख्त अमृतसर के नानक साही कैलेंडर के अनुसार अब से गुरु गोविंद सिंह जी का गुरुपर्व हर वर्ष पांच जनवरी को ही मनाया जाएगा। उन्होंने सभी लोगों को गुरुपर्व की बधाई दी।

ज्ञानी पदमपाल सिंह द्वारा सरबत के भले ही अरदास की गई। इसके बाद अटूट लंगर का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान गुरुद्वारों को लाइटों व फूलमालाओं से सजाया गया।

केशव नगर स्थित सरस्वती बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बृहस्पतिवार को गुरु गोविंद सिंह का 350वां गुरुपर्व मनाया गया। इस दौरान शिक्षकों ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला।

विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष बिजेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जन्म 1666 में पटना साहिब में हुआ था। उनके पिता गुरु तेग बहादुर को इस्लाम धर्म कबूल न करने पर अनेक यातनाएं दी गईं और अंत में वह अपने देश व धर्म के लिए शहीद हो गए।

उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल 1699 को गुरु गोविंद सिंह ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने पांच व्यक्तियों को हिंदू समाज की रक्षा के लिए पंच प्यारे घोषित किया। उनके दो पुत्र आनंदपुर साहिब में मुगलों से लड़ते हुए शहीद हो गए।

7 अक्टूबर 1708 को उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया। प्रधानाचार्य सुनील कुमार ने कहा कि हमें गुरु गोविंद सिंह के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके पर हरदेव, हरजीत सिंह, रणवीर सिंह, ओंकार सिंह, गुलशन अरोड़ा, पंकज भाटिया, गुरप्रीत कौर, अंजू अरोड़ा आदि मौजूद रहे।

वहीं ततारपुर स्थित गुरुकुल महाविद्यालय में भी गुरुपर्व धूमधाम से मनाया गया। डॉ. प्रेमपाल शास्त्री ने कहा कि गुरुगोविंद सिंह अनुपम महापुरुष थे। देश, वंश, राष्ट्र के लिए सर्वस्व त्याग करने वाले पुरुष वंदनीय होते हैं।

उन्होंने हमेशा अपने देश और धर्म की रक्षा की और अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। कार्यक्रम में लोकेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, विनोद कुमार आदि उपस्थित थे।

गुरु गोविंद सिंह का 350 वां प्रकाशोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। इसके उपलक्ष्य में गुरु ग्रंथ साहिब का डोला, पंच प्यारों की झांकी सहित हैरतअंगेज करबतों से जुड़ा नगर कीर्तन दस जनवरी को निकाला जाएगा। गढ़-चौपला, नक्का कुआं, भगवंतपुर, सिंभावली सहित

क्षेत्र के सभी गुरुद्वारों में सिख समुदाय के दसवें गुरु गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस दौरान गुरु ग्रंथ साहिब के तीन दिवसीय अखंड पाठ का समापन होने के बाद अटूट लंगर में संगतों को निहाल किया गया।

कार सेवा समिति संचालक बाबा सतनाम सिंह, बाबा बचन सिंह और बाबा जोगेंद्र सिंह ने बताया कि दसवें गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में नगर कीर्तन का आयोजन दस जनवरी को होगा।
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इसमें पंजाब और दिल्ली समेत कई प्रांतों के नामीगिरामी बैंडबाजे और गतका पार्टी भाग लेकर हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे।
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