अठसैनी गांव में मंगलवार सुबह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा खुलते ही कर्मियों ने बैंक के गेट पर नो कैश का नोटिस लगा दिया। नोटिस देखते ही सुबह छह बजे से ही लाइन में लगे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने हाईवे-24 पर जाम लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया। इस दौरान जाम में फंसे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा नोटबंदी के बाद से बेपटरी चल रही बैंकिंग व्यवस्था अभी तक नहीं सुधरी है। कहीं कैश नहीं पहुंच पाता है, तो कहीं दोपहर से पहले ही कैश खत्म हो जाता है।
मंगलवार सुबह अठसैनी गांव में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा के बाहर सुबह छह बजे से ही लोग कैश निकालने के लिए लाइन में खड़े हुए थे। 10 बजे जब बैंक खुला तो कर्मचारियों ने गेट पर नो कैश का नोटिस लगा दिया। नोटिस देखते ही ठंड में सुबह से ही लाइन में लगे लोगों का गुस्सा भड़क गया।
लोगों ने हंगामा करते हुए करीब सवा दस बजे नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। थोड़ी ही देर में हाईवे पर दोनों साइडों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया।
सुबह करीब 11.30 पर हाईवे पर यातायात व्यवस्था सुचारू हुई। वहीं, नौशाद, सदाकत, नरेंद्र, सुबोध, जयवीर ने बताया कि वह लगातार चार दिनों से बैंक आ रहे हैं, लेकिन बैंक खुलने के कुछ ही देर में नो कैश का बोर्ड टांग दिया जाता है। वहीं, शाखा प्रबंधक मयंक चतुर्वेदी ने बताया कैश कम आ रहा है, इसलिए जल्द समाप्त हो जा रहा है।
वहीं, बहादुरगढ़ में पीएनबी शाखा पर सुबह से ही लाइन में खड़े लोगों ने दोपहर तीन बजे तक कैश नहीं मिलने पर प्रदर्शन किया। सतीश, संजीव, राधेश्याम, आनंद, अरविंद ने बैंक प्रबंधक पर पीछे के दरवाजे से आए लोगों को कैश बांटने का आरोप लगाया। वहीं, शाखा प्रबंधक एसके दीक्षित ने धांधली का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है।