केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत बने पात्र गृहस्थ के राशन कार्ड के लिए उपभोक्ताओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। योजना के तहत जिले में एक लाख 86 हजार लोगों कार्ड बांटे जाने हैं,
लेकिन अभी तक सिर्फ 25 फीसदी पात्र गृहस्थों को ही कार्ड बंट सके हैं। अब 75 फीसदी लोगों को कार्ड के लिए नई सरकार के गठन का इंतजार करना पड़ेगा। कार्ड पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो है और अधिकारी इसे वितरित करने के लिए उच्चाधिकारियों के आदेश की राह देख रहे हैं।
योजना के शुभारंभ के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ राशन कार्ड वितरित किए गए, लेकिन आचार संहिता ने उस पर ब्रेक लगा दिया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आचार संहिता के पहले तक पात्र गृहस्थ के सभी नाम ऑनलाइन कर दिए गए हैं।
विभागीय सूत्रों की मानें तो आचार संहिता के पहले तक लगभग 25 फीसदी ही राशन कार्ड वितरित किया जा सका। विभाग के अफसरों के अनुसार शासन का निर्देश था कि जो राशन कार्ड छपे हैं उनमें नाम सहित अन्य गड़बड़ियों को सही कर उसका वितरण कर दिया जाए,
लेकिन तब आचार संहिता लागू हो गई और आयोग ने वितरण पर रोक लगा दी। विभागीय देरी के कारण पात्रों तक राशन कार्ड नहीं पहुंच सके। अब जब प्रदेश में नई पार्टी सत्ता में आई है
तो अधिकारी असमंजस में हैं कि आखिर कैसे मुख्यमंत्री की फोटो लगे और लाल हरी पट्टियों के राशन कार्ड को वितरित किया जाए। जबकि, जिला पूर्ति कार्यालय में हजारों की संख्या में छपे हुए राशन कार्ड रखे हुए हैं।
ऐसे में यदि नए कार्ड वितरित करने का भी आदेश आता है तो हजारों रुपये कार्ड छपवाने में फुंक जाएंगे। वहीं, जिला पूर्ति अधिकारी आरएन यादव ने बताया कि जल्द ही लखनऊ में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक है। बैठक में मिले निर्देशों के अनुसार कार्य किया जाएगा।