गढ़मुक्तेश्वर। ब्लॉक क्षेत्र के गांव गंदू नंगला में शुक्रवार की देर रात रजवाहे की पटरी टूटने से सैकड़ों बीघा आलू और गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। पटरी की अस्थायी तौर पर मरम्मत करने में किसानों के पसीने छूट गए। वहीं, किसानोें ने हर साल पटरी टूटने से फसलों में हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की है।
रजवाहे की पटरी टूटने के कारण किसान जगबीर, सुंदर, अमित, जितेंद्र, योगेंद्र, भगत, प्रशांत, कुंवर सेन, कुलदीप, सुदेशवीर, शुभम, कपिल सांगवान समेत अन्य किसानों के खेतों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। इसकी जानकारी किसानों को शनिवार की सुबह तब हो सकी, जब कुछ किसान अपने खेतों पर पशुओं के लिए चारा लेने के लिए पहुंचे। जिन्होंने अन्य किसानों को इस बारे में जानकारी दी। किसानों का कहना है कि लगभग हर साल ही रजवाहे की पटरी टूटने से फसल में भारी नुकसान होता है। कपिल ने बताया कि पिछले साल भी दिसंबर के महीने में पटरी टूटने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था।
इससे पहले भी ब्लॉक क्षेत्र के गांव अक्खापुर में रजवाहे की पटरी टूटने से राजेंद्र सिंह समेत अन्य कई किसानों के खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो गई थी। वहीं, तीन दिसंबर को सिंभावली क्षेत्र में भी रजवाहे की पटरी क्षतिग्रस्त होने से फसलों को नुकसान हुआ है।
एसडीएम श्रीराम सिंह का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर जल्द ही रजवाहे की पटरी की मरम्मत करा दी जाएगी। वहीं, राजस्व टीम को भेजकर किसानों के नुकसान का भी आंकलन कराया जाएगा।