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मंडल में हापुड़ डिपो कमाई में अव्वल

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amar ujala - फोटो : amar ujala
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मंडल में हापुड़ डिपो कमाई में अव्वल
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हापुड़। कमाई के मामले में हापुड़ डिपो ने मेरठ मंडल के सभी रोडवेज डिपो को पीछे छोड़ दिया है। दिसंबर महीने में 30 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाकर, हापुड़ डिपो को पहला स्थान मिला है। इससे पहले प्रदेश स्तर पर भी हापुड़ परचम लहरा चुका है। एआरएम ने कर्मचारियों को बधाई दी है।
हापुड़ डिपो से विभिन्न मार्गों पर 110 बसों का संचालन किया जाता है। व्यवस्थित बसों के संचालन और यात्रियों को सुविधा देने के साथ ही राजस्व में भी यह डिपो प्रदेश में डंका बजा रहा है। दिसंबर महीने की रिपोर्ट पर गौर करें तो हापुड़ डिपो की बसों ने 15 लाख किलोमीटर का सफर तय किया और पांच करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया।
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शुद्ध लाभ की बात करें तो संपूर्ण खर्च काटने के बाद दिसंबर महीने में हापुड़ डिपो के अधिकारियों ने निगम को 30 लाख रुपये शुद्ध लाभ कमाकर दिया है। मेरठ मंडल में 14 डिपो आते हैं, इस रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर महीने में कमाई के मामले में हापुड़ डिपो प्रथम स्थान पर रहा है। बता दें कि इससे पहले प्रदेश स्तर पर भी डिपो पहला स्थान प्राप्त कर चुका है।
एआरएम एनपी सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और व्यवस्थित संचालन से ही हापुड़ डिपो को यह उपलब्धि मिली है। भविष्य में भी इसी तरह कार्य किया जाएगा।
व्हाट्स एप पर ग्रुप की आड़ में रोडवेज को चूना लगा रहे चालक/परिचालक
- चेकिंग के दौरान ग्रुप में पल भर में फैल जाती है सूचना
- अधिकारियों तक बस पहुंचने से पहले ही यात्रियों को दे दिए जाते हैं टिकट
- शासन तक पहुंचा मामला, प्रबंध निदेशक ने जारी किया अलर्ट
--जतिन त्यागी--
हापुड़। रोडवेज की बसों में व्हाट्स एप ग्रुप की आड़ में यात्रियों को बिना टिकट यात्रा कराकर चालक व परिचालक निगम को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। शासन को इस तरह के इनपुट मिले हैं, जिसके बाद प्रबंध निदेशक ने समस्त आरएम, एआरएम को औचक निरीक्षण कर कर्मचारियों के फोन चैक करने के निर्देश दिए हैं। ग्रुप में लोकेशन संबंधी मेसेज मिलने पर सेवा समाप्त की कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
हापुड़ जिले की सीमा से होकर रोजाना रोडवेज की सैकड़ों बसों का आवागमन होता है। प्रतिदिन करीब 30 हजार यात्री विभिन्न डिपो की बसों में सफर करते हैं। चालक/परिचालकों द्वारा बसों में कई बार यात्रियों को बिना टिकट यात्रा कराए जाने के मामले प्रकाश में आते हैं। हापुड़ डिपो की बसों में भी इस तरह का मामला प्रकाश में आने पर कई परिचालकों पर दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।
इन दिनों व्हाट्स एप के ग्रुप की आड़ में यह गोरखधंधा अधिकारियों के लिए सिर का दर्द बना हुआ है। अधिकारी जगह जगह बसों का निरीक्षण करते हैं। लेकिन निरीक्षण के दौरान सभी यात्रियों पर टिकट मिलते हैं। जबकि गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार बहुत सी बसों में यात्रियों को बिना टिकट ही यात्रा करायी जाती है। इससे रोडवेज को लाखों रुपये के राजस्व का चूना भी लग रहा है।
इस मामले में शासन को भी इस तरह के खेल के इनपुट मिले हैं। जिसके बाद परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने समस्त आरएम, एआरएम को पत्र भेजकर अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान चालक/परिचालक के मोबाइल फोन में व्हाट्स एप ग्रुप चैक किया जाए। यदि ग्रुप में लोकेशन संबंधी या अन्य कोई संदिग्ध मैसेज मिले तो तत्काल कार्रवाई अमल में लायी जाए।
बस चलाते समय मोबाइल पर बात करने की है पाबंदी
हापुड़। रोडवेज की बसों में चालकों को स्पष्ट आदेश है कि बस चलाते समय वह मोबाइल पर बात कतई न करें। इस अभियान को सफल बनाने के लिए ऐसे चालकों का फोटो भेजने पर यात्रियों को प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान है। इसी पाबंदी के चलते अब चालकों ने व्हाट्स एप ग्रुप का सहारा ले लिया है।
पल भर में फैल जाती है निरीक्षण की सूचना
जिले में यदि रोडवेज के अधिकारी निरीक्षण करते भी हैं तो इसकी जानकारी पलभर में उक्त रूट से गुजरने वाली बसों के कर्मचारियों तक पहुंच जाती है। जिसके बाद यदि यात्रियों को बिना टिकट यात्रा कराते भी हैं तो उन्हें टिकट थमा देते हैं।
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अधिकारी कहिन
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एनपी सिंह का कहना है कि गोपनीय तरीके से निरीक्षण कर, चालक/परिचालकों के मोबाइल फोन चैक किए जा रहे हैं। यदि लोकेशन संबंधी मैसेज मिले तो कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
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