लॉक डाउन के बीच सात फेरों में बंधे नवदंपती
गढ़मुक्तेश्वर। लॉकडाउन-2 के बीच सोशल डिस्टेंसिंग और प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सात फेरे लेकर नवदंपती विवाह बंधन में बंधे। दूल्हा पक्ष से पिता समेत केवल पांच बाराती पहुंचे, वहीं दुल्हन के भी केवल परिजन ही मौके पर मौजूद रहे।
गढ़ तहसील क्षेत्र के गांव आलमनगर निवासी पूर्व प्रधान कालीचरण चौहान की बेटी मीनाक्षी की शादी पड़ोसी गांव निवासी अनिल चौहान के साथ तय हुई थी। शादी की तारीख देश में 25 मार्च से लागू हुए लॉकडाउन से पहले ही निर्धारित हो चुकी थी। पुरोहितों ने शुभ लगन और मुहूर्त देखकर 17 अप्रैल की तिथि निर्धारित की थी, जबकि पहला लॉकडाउन 14 अप्रैल को समाप्त होना था। जिसके चलते मीनाक्षी के पिता समेत अन्य परिजन विवाह की तैयारियों में जुटे हुए थे। लेकिन देश में लगातार बढ़ रही कोरोना के मरीजों की संख्या के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन 19 दिन के लिए और बढ़ा दिया। जिससे शादी की तैयारियों में जुटे वर और वधु पक्ष के लोग मायूस हो गए। हालांकि बाद में केवल पांच लोगों की मौजूदगी में शादी कराने का निर्णय हुआ। दूल्हा समेत पांच लोग ही बारात लेकर आलमनगर पहुंचे। जहां कालीचरण समेत उनके परिजनों ने ही बारात का स्वागत किया। सादगीपूर्ण आयोजित समारोह में शादी की रस्में पूरी की गई। इस दौरान सभी ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मास्क का प्रयोग किया। पंडित विनोद शास्त्री ने विधिवत मंत्रोच्चारण के बीच फेरों की रस्म पूरी कराई।