हापुड़। बढ़ती ठंड के साथ जिले की आबोहवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। रविवार को भी जिले में प्रदूषण के स्तर में बढ़़ोत्तरी दर्ज की गई और अधिकतम एक्यूआई 377 दर्ज किया गया। सुबह शाम के अलावा दिन में भी वातावरण में धुंध छाई रही और लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसी स्थिति में सुबह शाम घूमने वाले लोगों में कमी दर्ज की गई है और जो घूम रहे हैं वे गले की खरास और आंखों में जलन से परेशान हैं।
जिम्मेदारों की अनदेखी से जिले में भी प्रदूषण से हालात गंभीर बने हुए हैं। यहां ग्रैप के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं और किसी को भी वातावरण की परवाह नहीं दिख रही है। नगर पालिका द्वारा जहां नियमित पानी का छिड़काव कराने के साथ कूड़ा जलाने वालों पर अंकुश लगाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। वहीं, प्रदूषण विभाग द्वारा रात के समय कारखानों की चिमनी से निकलने वाले काले धुएं को लेकर पेट्रोलिंग नहीं की जा रही है, ईंट भट्टे, कोल्हू और कलेसर बिना मानकों के चल रहे हैं। हॉट मिक्स प्लांटों की भी कोई निगरानी नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति में ही हालात गंभीर बने हुए हैं। हाईवे निर्माण के दौरान भी लापरवाही हो रही है।
बढ़ती दिक्कतों से लोगों ने घूमना किया कम
बढ़ते प्रदूषण से जिले में लोगों को शारीरिक दिक्कतें हो रही हैं। सुबह के समय घूमने वाले लोगों की संख्या में कमी आई, लेकिन जो घूम रहे हैं, उन्हें परेशानियां हो रही हैं। ऐसे लोगों की गले में खरास और आंखों में पूरे दिन जलन की समस्या रहती है। आंखों में जलन, खुजली के लिए जुकाम के रोगी बढ़ गए हैं। घर से निकलने पर लोग अत्यधिक छींक रहे हैं। लोगों को आंखों में चुभन जैसी दिक्कत आ रही है। चिकित्सकों के मुताबिक, प्रदूषण आंखों में जलन का मुख्य कारण है। इन दिनों वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। प्रदूषण से आंखों के ड्राई होने के मामले भी आने लगे हैं। इस बीमारी से लोगों को न केवल असुविधा होती है बल्कि नजर भी कमजोर हो जाती है। इसके अलावा आंखों में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। नेत्र चिकित्सक डॉ अतुल आनंद कहते हैं कि इस मौसम में सेहत की विशेष देखपाल की आवश्यकता है। खासकर आंखों का अधिक ख्याल रखें।
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ऐसे करें आंखों की देखभाल
- बाहर निकलते समय सनग्लास लगाएं।
- समय-समय पर आंखों को साफ पानी से धोएं।
- कॉन्टेक्ट लेंस वाले लोग जीरो नंबर का चश्मा लगाएं।
- आंखों को गंदे हाथ या कपड़े से न छुएं।
-आंखों में दिक्कत हो तो चिकित्सक से परामर्श के बाद ही आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।
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प्रदूषण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित विभागों की निगरानी भी की जा रही है, ऐसे में प्रदूषण से राहत की जल्दी ही उम्मीद है।-संदीप कुमार, एडीएम।