गन्ने के बकाया भुगतान के लिए सहकारी गन्ना समिति ने की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
सिंभावली चीनी मिल के बाद बृहस्पतिवार को जिला सहकारी गन्ना विकास समिति ने ब्रजनाथपुर शुगर मिल के गोदामों को भी सील कर दिया। इस चीनी मिल पर किसानों का 64 करोड़ रुपया बकाया है। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना के बाद की गई है।
बकाया भुगतान करने पर ही प्रशासन सील हटाएगा। ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने पेराई सत्र 2015-16 में किसानों का 34.79 लाख क्विंटल गन्ना 97.77 करोड़ रुपये में खरीदा था। मिल प्रबंधन ने इसके बदले किसानों को महज 32.29 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया।
ऐसे में चीनी मिल पर किसानों का अब भी लगभग 64 करोड़ रुपये बकाया है जबकि मिल प्रबंधन इस पेेराई सत्र में तीन लाख क्विंटल चीनी बेच चुका है। अब मिल के गोदामों में महज 67000 क्विंटल चीनी शेष बची है। ऐसे में मिल प्रबंधन इस शेष बची चीनी की बोरियों को भी बेच देता है
तो वह किसानों को महज 50 फीसदी बकाया का ही भुगतान कर सकता है। जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार चीनी बिक्री से होने वाली आमदनी का 85 फीसदी हिस्सा मिल को किसानों के खाते में डालना अनिवार्य है।
केवल 15 फीसदी हिस्सा ही मिल अपने निजी कार्यों में इस्तेमाल कर सकता है। इस आदेशों की अनदेखी के बाद चीनी मिल शासन के निशाने पर हैं। भारतीय किसान यूनियन भी आए दिन प्रदर्शन कर बकाया गन्ना भुगतान की मांग करता रहता था।
डीसीओ नम्रता कश्यप के आदेश पर जिला सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव मनोज कुमार ने बृहस्पतिवार को टीम के साथ ब्रजनाथपुर चीनी मिल के सभी चीनी गोदाम को सील कर दिए। सचिव मनोज कुमार ने बताया कि जब तक किसानों के बकाया का भुगतान नहीं किया जाता गोदामों से सील नहीं हटाई जाएगी। भुगतान न होने की स्थिति में मिल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।