हापुड़। रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक बोतल की समस्या से निपटने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 10 प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन का सेटअप लगेगा। यात्री अपनी इस्तेमाल की गई प्लास्टिक बोतल इसमें डाल सकेंगे। मशीन में डालते ही बोतलें क्रश हो जाएंगी और बाद में इन्हें रीसाइक्लिंग के लिए भेज दिया जाएगा। जहां से कंपनियां इन्हें ले जा कर इनसे नए उत्पाद बना कर फिर से इस्तेमाल में लाएंगी।
हापुड़ रेलवे स्टेशन पर रोजाना 100 से अधिक एक्सप्रेस, स्पेशल, सुपरफास्ट, पैसेंजर ट्रेनों का आवागमन होता है। इनमें से करीब 60 ट्रेनों का रेलवे स्टेशन पर भी ठहराव होता है। प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। रेलवे लगातार यात्रियों और कर्मचारियों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए जागरूक कर रहा है। ऐसे में रेलवे स्टेशन पर पेय पदार्थों की प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन लगाने की योजना बनाई है।
रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए जल्द ही प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो और तीन पर 10 प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीनें लगाई जाएंगी। इन मशीनों के लगने से यात्री इस्तेमाल के बाद पानी की बोतल इधर-उधर फेंकने के बजाय सीधे मशीन में डाल सकेंगे। प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा। इससे नालियों में जाम, प्लेटफॉर्म पर गंदगी और पटरियों के किनारे फेंकी जाने वाली बोतलों की समस्या का भी स्थायी तौर पर निस्तारण हो सकेगा।
मुरादाबाद रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव का कहना है कि हापुड़ रेलवे स्टेशन पर लगाने के लिए दस क्रशर मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर छह, दो और तीन पर चार मशीनें स्थापित की जाएंगी। मशीनों की स्थापना के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही इनका इंस्टॉलेशन किया जाएगा। इन मशीनों में डाली गई प्लास्टिक की बोतलें छोटे-छोटे दानों में बदल जाएंगी, जिन्हें बाद में रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा।