नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। पालिका सदस्यों ने टैक्स विभाग में फार्म भरने और बिलों का वितरण करने वाले कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा कम पैसे देने का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया।
किसी तरह मामला शांत होने पर सभी 175 प्रस्तावों पर मोहर लग गई। जिसमें करीब 10 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य और बंदर पकडने के प्रस्ताव भी थे। बृहस्पतिवार की दोपहर को पालिका सभागार में दोपहर तीन बजे पालिका की बोर्ड बैठक पालिका अध्यक्ष मालती भारती की अध्यक्षता में हुई।
जिसमें स्वकर प्रणाली के अन्र्तगत फार्म भरने और बिलों का वितरण करने के लिए छोड़े गए ठेके को छह माह के लिए पुरानी दरों पर बढ़ाने के प्रस्ताव पर पालिका सदस्य सुनील पटवारी, इरफान, अमित नागर आदि ने विरोध किया।
सुनील पटवारी का कहना था कि कर्मचारियों को कम भुगतान किया जाता है और जबकि पालिका अधिक पैसे देती हैं। इस पर जोरदार हंगामा हुआ। कई पालिका सदस्य तो अधिकारियों और पालिकाध्यक्ष की मेज तक आ गए।
ईओ ने कहा कि टैक्स नहीं वसूला जाएगा तो कैसे काम चलेगा और विरोध के चलते वह काम नहीं कर पाऐंगे। स्वयं ही कर लें काम। इस पर मामला गर्म हो गया। लेकिन बाद में प्रस्ताव पास हो गया। ईओ ने कहा कि कर्मचारियों को पूरे पैसे ही मिलेंगे वह स्वयं मामले को देखेंगे।
अगर विरोध होता रहेगा तो किसी का नाम नहीं हो सकेगा। किसी तरह की गड़बड़ी नहीं दी जाएगी। इसपर प्रस्ताव पास हो सका। पालिका सदस्य एजाज अहमद ने वाटर कूलरों की सर्विस कराने और कुंवरपाल केन ने सोलर लाइटों की बैटरियों की जांच कराने, मोनिका शर्मा ने पार्किंग का ठेका छोड़े जाने की मांग की।
सुरेश बाला ने सफाई और स्ट्रीट लाइट सही कराने, इकबाल कुरैशी ने ईदगाह रोड पर खुले में अवैध रूप से कट रहे पशु कटान को बंद कराने, वीर सिंह ने सफाई कराने, अमित नागर ने पार्को के सौन्दर्यकरण, मोती कालोनी में सड़क निर्माण की मांग रखी।
बैठक में विधायक गजराज सिंह, ईओ संजय मिश्रा तथा तमाम पालिका सदस्य मौजूद थे। बैठक का संचालन सफाई निरीक्षक दिलशाद हसन ने किया।