शहर में विकास की गंगा बहाने के लिए बुलाई गई नगर पालिका की बोर्ड बैठक शनिवार को अखाड़े में तब्दील होती नजर आई। विकास कार्यों को लेकर पालिका सदस्यों में जमकर कहासुनी हुई।
नौबत मारपीट तक पहुंची तो क्षेत्रीय विधायक को हस्तक्षेप करना पड़ा। एक घंटे की गहमागहमी के बाद सभी 259 प्रस्तावों को हरी झंडी मिल गई।
छह माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए नगर पालिका के सभागार में शनिवार अपराह्न तीन बजे पालिकाध्यक्ष मालती भारती की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक बुलाई गई थी।
इसमें शहर को साफ और स्वच्छ बनाने, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने, पथप्रकाश की व्यवस्था और सड़क निर्माण संबंधी विकास कार्य कराए जाने के प्रस्ताव पालिका सदस्य द्वारा रखे जाने थे।
बैठक की कार्रवाई शुरू होने के आधे घंटे बाद ही पालिका सदस्य सुनील पटवारी, रवींद्र जैनवाल ने निर्माण कार्य संबंधी कार्य को लेकर अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया। पालिका सदस्य एजाज अहमद ने अधिकारियों का पक्ष लिया तो सभासदों का पारा चढ़ गया, जिस पर सदन की मर्यादा तार-तार हो गई।
जमकर हंगामा होने के बाद पालिका सदस्य चतर सिंह भी मैदान में कूद पड़े। खुद को घिरा देखकर एजाज अहमद तो चुप हो गए लेकिन मामला मारपीट तक पहुंच गया। यह देखकर मंच पर बैठे क्षेत्रीय विधायक गजराज सिंह उठे और दोनों पक्षों को शांत कराया।
विधायक ने कहा कि सदन से शहर में विकास कार्यों को नई ऊंचाई तक ले जाने का काम किया जाना चाहिए। यदि किसी पालिका सदस्य को अपनी बात रखनी भी है तो बंद कमरे के अलावा पालिकाध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी से मिलकर भी बता सकता है। विधायक के तेवरों को देखकर पालिका सदस्यों का गुस्सा शांत हो सका।
नगर पालिका की बोर्ड बैठक में जैसे ही मुख्य सफाई निरीक्षक दिलशाद हसन ने प्रस्ताव संख्या-649 पढ़ा तो पालिका सदस्य इमरान ने आपत्ति जता दी। प्रस्ताव में लिखा था कि पालिका में स्वकर प्रणाली के अंतर्गत सामान्य कर निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है।
व्यवसायिक कर निर्धारण की प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण कर उपसमिति ने सुनवाई के बाद निस्तारित की जानी है। वर्तमान में कर उपसमिति गठित न होने के कारण कर निर्धारण की प्रक्रिया बाधित हो रही है, जिससे पालिका की आर्थिक क्षति संभावित है।
इस पर पालिका सदस्य इमरान ने कहा कि समितियों का गठन दोबारा होना चाहिए। साथ ही समिति को गठित करने के लिए नियमावली भी बननी चाहिए। इस बात पर पालिका सदस्य सुनील पटवारी खड़े हो गए और कर निर्धारण प्रणाली पर सवाल उठा दिया।
उन्होंने कहा कि दो साल के दौरान शहरवासियों के पास जितने नोटिस भेज गए हैं, उनका बिंदुवार विवरण दिया जाना चाहिए। साथ ही इस प्रस्ताव के लिए तीन दिन का समय दिया जाए ताकि पालिका सदस्यों को इस प्रस्ताव और समिति के गठन होने में आसानी हो। कुल मिलाकर एक घंटे के भीतर सभी 259 प्रस्ताव पास हो गए।
बैठक में घरों में ऊपर लगी स्ट्रीट लाइटों को हटवाने का मुद्दा भी उठा। पालिका सदस्य कृष्ण कुमार, अमित नागर आदि ने कहा कि घरों पर लगी लाइटों को जल्द उतरवाकर उन्हें ऐसे स्थानों पर लगाया जाए, जहां अंधेरा रहता हो।
पालिका सदस्य बिजेंद्र सिंह ने मेरठ रोड पर नगर पालिका की 600-700 गज जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे को हटवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई बार लिखित शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
नगर पालिका की बोर्ड बैठक में 156 स्थानों पर 20 करोड़ की लागत से सड़कों का निर्माण कार्य कराने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है। इन सड़कों के बनने से शहरवासियों को काफी राहत मिल सकेगी।