बुखार की रोकथाम और बर्बाद फसल के मुआवजे की मांग को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तहसील का घेराव किया। भड़के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
भाकियू भानु गुट ने बुधवार को गढ़-चौपला स्थित गुरुद्वारा परिसर में पंचायत की। इसमें विभिन्न गांवों से आए किसानों ने अपनी समस्याओं का निराकरण न होने का मुद्दा उठाया। पंचायत के बाद कार्यकर्ताओं ने जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए तहसील का घेराव किया।
जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्र में बुखार से महिला-बच्चों सहित 70 लोगों की मौत तक हो चुकी है, लेकिन प्रशासन और सेहत महकमे के स्तर से बुखार की रोकथाम के लिए कोई भी कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बरसात के सीजन में गंगा कई बार उफान पर आई थी। इससे हजारों बीघा फसलें बर्बाद होने के साथ ही सैकड़ों बीघा भूमि भी तेज बहाव के साथ गंगा में समा गई थी, लेकिन पीड़ित किसानों को अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
तहसील अध्यक्ष जयवीर सिंह गुर्जर ने कहा कि नया पेराई सत्र चालू होने वाला है लेकिन अभी तक पिछला भुगतान न मिलने से किसान ब्याज पर कर्ज लेने को मजबूर हैं।
जिला सचिव अमित प्रधान ने किसान और मजदूरों को सस्ती दर पर बिजली दिलाने और ब्लॉक अध्यक्ष धर्मवीर जाटव शाहपुर जट्ट के प्रस्तावित डिग्री कॉलेज का निर्माण चालू कराने की मांग की।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने डीएम को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम आरएन पांडेय को सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र, रामकुमार आर्य, बलजीत सिंह, संजय कुमार, पप्पू, ओमवीर सिंह, अनिल गुर्जर, गंगाशरण, कृष्ण हूण आदि रहे।