फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hapur News: घर-घर बजी बधाई... आज जन्मे हैं कन्हाई

Thu, 07 Sep 2023 10:55 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। घर-घर बजी बधाई... आज जन्मे हैं कन्हाई और हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैय्या लाल की...... जैसी बधाइयां और भजनों से शहर के मंदिर भोर तक गूंजते रहे। मध्यरात्रि 12 बजते ही शहर में लड्डू गोपाल के जयकारे गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने बाल स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। मंदिरों में झांकियां सजाई गईं। कन्हैया और राधा बनकर बच्चे बाल गोपाल के रंग में दिखे। चंडी मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, सबली मंदिर, श्री मंशा देवी मंदिर, शाकुंभरी देरी मंदिर, श्रीराम मंदिर, दोयमी मंदिर समेत गली-मोहल्लों के मंदिरों में दर्शन करने के लिए श्रद्धालु पहुंचते रहे। देर रात मंदिरों में भजन कीर्तन का आयोजन चलता रहा। जन्माष्टमी को लेकर लोगों ने घरों के मंदिरों को भी विशेष रूप से सजाया हुआ था। देर रात चंद्रमा का दर्शन कर व्रतियों ने फलाहार ग्रहण कर अपना उपवास खोला। मंदिरों में आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। देर रात तक मंदिरों में भजनों की गूंज चलती रही। देर रात तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
विज्ञापन



रोशनी से जगमगाए मंदिर

जन्माष्टमी पर शहर में मंदिर रंग बिरंगी रोशनी से नहाए रहे। त्योहार को लेकर मंदिरों में तैयारियां जोरों पर रहीं। गढ़ रोड, बुलंदशहर रोड, चंडी मंदिर रोड, रेलवे रोड पर तिरंगा लाइटों ने भी निराली छटा बिखेरी।

चंडी मंदिर में छप्पन भोग व फूल बंगले का आयोजन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर चंडी मंदिर में छप्पन भोग व फूल बंगले का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर प्रांगण को भी रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया। बांके बिहारी के दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।
विज्ञापन




रेलवे रोड पर लगा मेला

जन्माष्टमी को लेकर पिछले कई दिनों से रेलवे रोड बाजार गुलजार है। जन्माष्टमी की खरीदारी के लिए अन्य जिलों के व्यापारियों ने बाजार लगाया हुआ है, जहां कई दिनों से कान्हा का शृंगार करने के लिए खरीदारी बृहस्पतिवार को भी जारी रही। इसके साथ ही बच्चों के लिए झूले भी लगाए गए।


प्रसाद में बांटी पंजीरी और माखन-मिश्री

जन्माष्टमी पर पंजीरी व माखन मिश्री के प्रसाद का विशेष महत्व माना जाता है। इसी प्रसाद का भोग ही ठाकुर जी को लगाया जाता है। मंदिरों में श्रद्धालुओं को प्रसाद में पंजरी, माखन-मिश्री व फलों का वितरण भी हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें