पिलखुवा। गालंद में हुए पथराव के मामले में पुलिस कार्रवाई के विरोध में डीएम का घेराव करने जा रहे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने छिजारसी टोल प्लाजा पर रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हुई। हालांकि, बाद में कार्यकर्ता वापस चले गए।
चार फरवरी की देर रात गालंद गांव स्थित आंबेडकर भवन में बिना अनुमति बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया था। जिसमें तीन सिपाहियों के घायल होने के साथ कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। करीब एक घंटे तक हुए पथराव में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने मकान में बंद होकर जान बचाई थी। बाद में पुलिस ने 37 को नामजद करते 107 ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने अभी तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सोमवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ता अभिषेक का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें पुलिस कार्रवाई का विरोध में और दर्ज मुकदमों को वापस कराने के लिए डीएम कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी थी। जिसके कारण पुलिस पहले से ही सतर्क थी। मंगलवार को अभिषेक अपने साथियों के साथ जैसे ही टोल प्लाजा के पास से गुजरा, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। सीओ जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि भीम आर्मी के कार्यकर्ता अभिषेक जाटव एवं उनके साथियों को समझा बुझाकर वापस भेज दिया गया था। उन्हे हापुड़ नहीं जाने दिया।
पुलिस ने टोल प्लाजा पर लगवाया जाम
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए डासना तक हाईवे पर पुलिस ने जाल बिछाया था। टोल प्लाजा पर पहुंचने से पहले ही सीओ ने जाम लगवा दिया था। जिससे वह तेज गति से पुलिस को चकमा देकर न निकल जाए।