गढ़मुक्तेश्वर। कार्तिक पूर्णिमा मेले में जा रही बुग्गियों को कोतवाली पुलिस द्वारा न छोड़ने पर बृहस्पतिवार की देर शाम भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली में हंगामा किया।
कोतवाली पहुंचे भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चार दिन पहले मेरठ जनपद के श्रद्धालु अपनी बुग्गियों के साथ गढ़ मेला जा रहे थे। कोतवाली पुलिस ने देर रात छोटी बुग्गियों को पकड़कर थाने में खड़ा कर दिया था। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने कहा था कि दो दिन बाद बुग्गियां छोड़ दी जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि बुग्गी छोड़ने की बात पर थाने में मौजूद दरोगा ने उन पर लाठीचार्ज करने की बात की। जिसे लेकर कार्यकर्ता भड़क गए और हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही संगठन के जिलाध्यक्ष दिनेश खेड़ा भी कोतवाली पहुंचे। दिनेश खेड़ा ने बताया कि एसपी ने दो नवंबर को बुग्गी उनके मालिकों के सुपुर्द करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि भैंसा दौड़ होने की आशंका के कारण पुलिस ने बुग्गी पकड़ी थीं, लेकिन अब श्रद्धालु मेले में पहुंच गए हैं और पशु दौड़ नहीं हो रही है। दिनेश खेड़ा ने बताया कि एसपी ने दो नवंबर को बुग्गी उनके सुपुर्द करने का आश्वासन दिया है। यदि इस आश्वासन के बाद भी कोतवाली पुलिस आनाकानी करती है, तो दो नवंबर को कोतवाली का घेराव कर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
सीओ स्तुति सिंह का कहना है कि मेला आयोजन को सकुशल कराने के लिए दौड़ करा रहे लोगों की बुग्गी पकड़ी गई हैं। उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।