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Hapur News: विदेशों में महकेगी हापुड़ के बासमती चावल की खुशबू

Wed, 16 Jul 2025 10:07 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। जिले से बासमती धान विदेशों में निर्यात किया जाएगा, इसके लिए एफपीओ (किसान समूह) के 70 किसानों को जोड़कर 50 हेक्टेयर रकबे में तीन प्रजाति की धान रौपी गई है। कृषि वैज्ञानिकों की देखरेख में फसल तैयार होगी। क्लस्टर योजना के तहत यदि निर्यात सफलतापूर्वक हो गया तो किसानों को दस लाख तक प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।
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वर्ष 2019 में क्लस्टर योजना शुरू की गई थी, इसका उद्देश्य किसान समूह के जरिए कृषि उपज को विदेशों में निर्यात कराना है। इसी क्रम में एक्सपोर्ट प्रोमोशन बोर्ड के माध्यम से क्लस्टर (किसानों का समूह) तैयार कराकर हर्षवर्धन त्यागी के नेतृत्व में एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के 70 किसानों को शामिल कर, 50 हेक्टेयर रकबे में धान की रौपाई कराई गई। इसमें किसानों को धान की 1509, 1121, पूसा बासमति प्रजाति का बीज अनुदान पर मुहैया कराया गया है।

बार गुड एग्रीकल्चर प्रेक्टिसिस (गेप) के तहत धान की खेती का कार्य शुरू किया गया है। एफपीओ के अध्यक्ष हर्ष त्यागी ने बताया कि धान के बीज की बुवाई से लेकर कटाई तक संपूर्ण कार्य वैज्ञानिकों की देखरेख में होगा। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण देने के बाद धान की रौपाई करा दी गई है।
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बिक्री के लिए मानकों को पूरा करना जरूरी

निर्यात के लिए आवश्यक फसलों को मानक के अनुसार ही तैयार किया जाएगा। इसमें कोई भी प्रतिबंधित कीटनाशक प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। कृषि निर्यात नीति के तहत किसानों का संपर्क निर्यातकों से कराया जाएगा। निर्यात सफलतापूर्वक होने पर किसानों को दस लाख तक का अनुदान भी मिलेगा। निर्यात वाले धान का दाम भी बेहद अच्छा होगा।



दो करोड़ रुपये तक अनुदान की व्यवस्था-

एफपीओ के लिए सरकार की योजना बेहद आत्मनिर्भर बनाने वाली है। इसमें सही निर्यात पर दस लाख के अनुदान के साथ ही माल प्रोसेसिंग एवं भंडारण (प्रसंस्करण इकाई) लगाने के लिए दो करोड़ रुपये तक के अनुदान की भी व्यवस्था की गई है।

डीएम होते हैं कमेटी के अध्यक्ष-
जिले में कृषि निर्यात कमेटी बनाई गई है, इसके अध्यक्ष डीएम और उपाध्यक्ष सीडीओ हैं। एफपीओ से हर्षवर्धन त्यागी को इसमें शामिल किया गया है। समीक्षा बैठक के दौरान किसानों को कैसे आत्मनिर्भर बनाए जाए, इस विषय पर गंभीरता दिखायी जाती है।

कोट -
कलस्टर योजना के तहत हापुड़ जिले में 50 हेक्टेयर जमीन पर एफपीओ के माध्यम से धान की रौपाई करायी गई है। उत्पादित धान का निर्यात विदेशों में होगा, इसे लेकर आगामी तैयारियां की जा रही हैं। - आशा, ज्येष्ठ कृषि विपणन अधिकारी।
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