गांव गालंद में कर्ज से परेशान एक किसान की मौत हो गई। किसान पर बैंक का करीब एक लाख साठ हजार रुपये कर्जा था। उसके बेटे का कहना है कि कर्ज की वजह से उसके पिता काफी टेंशन में रहते थे।
गालंद गांव निवासी 55 वर्षीय छत्रपाल उर्फ मुखिया बैंक के कर्ज के कारण गत कई माह से सदमे में थे। सदमे के चलते छत्रपाल की तबीयत रविवार रात बिगड़ गई तो परिजन उन्हें नजदीक के निजी अस्पताल में लेकर गए।
जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। किसान छत्रपाल के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा योगेश पशुपालन करता है और छोटा बेटा हितेश गाड़ी चलाता है। योगेश ने बताया कि हमने 15 बीघा जमीन लगान पर भी रखी है।
पिछले कई माह से फसलों में नुकसान हो रहा है। नाममात्र का मुआवजा मिलता है। पिता पर बैंक का करीब एक लाख 60 हजार रुपये कर्जा था, जिसे लेकर वह काफी परेशान थे। कोतवाल दीपक त्यागी ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में थाने में कोई सूचना भी नहीं दी गई है।