गढ़मुक्तेश्वर। रामलीला ग्राउंड में मुस्लिम व्यापारियों का विरोध करते हुए बजरंग दल ने दुकान न लगने की चेतावनी दी, हालांकि आयोजन समिति ने इस बयान से अपना पल्ला झाड़ लिया है।
गंगानगरी के बारादरी मैदान में बुधवार की रात श्रीराम लीला का मंचन प्रारंभ हुआ था। दूसरे ही दिन बजरंग दल ने मुस्लिम व्यापारियों का विरोध करते हुए उनकी दुकान रामलीला मैदान में न लगने देने की चेतावनी दी। बजरंग दल के जिला सह संयोजक राहुल बजरंगी और प्रखंड संयोजक लोकेंद्र राणा की मौजूदगी में बृहस्पतिवार की शाम को रामलीला मैदान में आपात बैठक की गई। लोकेंद्र राणा ने कहा कि रामलीला आयोजन स्थल पर मुस्लिम समुदाय द्वारा दुकान लगाने से हिंदू समाज की धार्मिक आस्था आहत हो सकती है, इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष पंडित विष्णु दत्त नागर का कहना है कि इस तरह के निर्णय से समिति का कोई लेना देना नहीं है। क्योंकि वैष्णो देवी और चारधाम यात्रा में घोड़ा खच्चर वाले अधिकांश लोग मुस्लिम समुदाय से जुड़े होते हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष पंडित रुपेश का कहना है कि जो लोग बिना वजह इस मुद्दे को उछाल रहे हैं, उनके द्वारा रामलीला का आयोजन करने के दौरान गत दो वर्षों में बिजली का ठेका सत्तार खां और झूलों का ठेका मुल्ला जी शाहनवाज पर ही रहा था। इसलिए रामलीला ग्राउंड में धर्म जाति के नाम पर किसी के लिए कोई भी रोक नहीं रहेगी।
एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि किसी संगठन द्वारा इस तरह की कोई घोषणा की गई है तो उसके विषय में आयोजन समिति के साथ बैठक कर उचित निराकरण किया जाएगा।