परिषदीय स्कूलों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है, इस बार भी बच्चों को पूर्व की भांति पुराने बैग से ही काम चलाना पड़ेगा। क्योंकि शासन से पूर्व मुख्यमंत्री की फोटो छपे बैगों के वितरण के संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
ऐसे में अभिभावकों की भी चिंता बढ़ने लगी है। ज्ञात हो कि पूर्व सरकार ने परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को निशुल्क बैग वितरण की योजना आरंभ की थी। विधानसभा 2017 चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने के कारण शासन से विभाग को जो बैग मिले थे,
उन्हें बोरे में बंदकर एबीआरसी कार्यालयों पर रखवा दिया गया था। सत्ता परिवर्तन होने के बाद अब इन बैगों के वितरण पर संकट के बादल छा गए हैं। क्योंकि नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है,
लेकिन शासन की ओर से बैग वितरण के संबंध में कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। नया बैग मिलने की आस लगाए बैठे बच्चों को शासन से कोई निर्देश न आने पर कड़ा झटका लगा है। वहीं अभिभावक भी बच्चों को नया बैग खरीदकर देने में असमर्थ हैं।
कुल मिलाकर सत्ता परिवर्तन होने के बाद बच्चों को पुराना बैग के सहारे ही स्कूल आना पड़ रहा है। बीएसए देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि शासन से जो बैग मिले थे, उनके वितरण के संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं मिल सके हैं। शासन से बैगों के संबंध में अन्य कोई आदेश भी अभी प्राप्त नहीं हुआ है।