हापुड़। सिद्धपीठ श्रीचंडी देवी मंदिर में नमाज पढ़े जाने का मामला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। इस मंदिर के दोनों और करीब 200 मीटर दूरी पर पुलिस चौकियां स्थित हैं। गैर समुदाय का व्यक्ति करीब 15 मिनट तक मंदिर में रहा लेकिन पुलिस को भनक नहीं लगी। इससे लोगों गुस्सा है। यही कारण रहा कि सुबह के बाद देर शाम भी लोगों ने चंडी रोड जाम कर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस को मिश्रित आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ानी पड़ी।
जुमे के दिन शहर में अलर्ट रहता है। लोग भले ही नमाज पढ़ने वाले को दिमागी तौर पर कमजोर बता रहे हैं लेकिन सुबह जिस तरह नमाज पढ़ी गई और धमकियां दी गई यह सामान्य बात नहीं है। हालांकि पुलिस ने आरोपी को पकड़कर मामले को संभाल लिया। आरोपी को जानने वाले लोगों का कहना है कि वह दिमागी तौर पर परेशान चल रहा है। उसकी पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी है। हालांकि पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है।
मंदिर को गंगा जल से किया पवित्र
मंदिर में नमाज पढ़े जाने पर हिंदू समुदाय के लोगों में भारी आक्रोश था। मंदिर के पुजारी और समिति के पदाधिकारियों ने गंगा जल से मंदिर का शुद्धिकरण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे भी लगाए।
लखनऊ से घनघनाए फोन, तब टूटी नींद
मंदिर में नमाज पढ़े जाने का मामला प्रदेश स्तर तक गूंजा। सुबह दस बजे तक भी आला अधिकारी मंदिर नहीं पहुंचे। लोगों ने इस मामले में मुख्यमंत्री को ट्वीट कर दिया। इसके बाद जब लखनऊ से फोन घनघनाए तो आला अधिकारी मंदिर की ओर दौड़े।
नमाज पढ़ने से नहीं रोका
सुबह करीब 4:40 से पांच बजे तक आरोपी मंदिर में रहा। इस दौरान उसने नमाज भी पढ़ी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नमाज पढ़ने पर एक जिम्मेदार पुजारी को बताया भी लेकिन उन्होंने नहीं टोका। यही कारण रहा कि मामला इतना बढ़ गया।
पुलिस के समझाने पर शांत हुए लोग
इस मामले के विरोध में व्यापारियों ने बाजार बंद करने की चेतावनी दे दी थी। पुलिस ने लोगों को कार्रवाई आश्वासन देकर शांत कराया। हालांकि रुक रुककर नारेबाजी और हंगामा होता रहा।