आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आक्रोश15 सूत्रीय मांगों का निस्तारण लंबे समय से न होने पर फूट पड़ा। कार्यकत्रियों ने नगर पालिका स्थित धरना स्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया और धरना देकर मांगों को स्वीकारने को आवाज बुलंद की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा के जिलाध्यक्ष अमर सिंह गहलौत के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह सरकार से हॉटकुक योजना का पैसा ग्राम प्रधानों के खाते में न भेजने का आग्रह पहले ही कर चुके हैं।
इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारियों का दर्जा दिया जाए, अन्य राज्यों की तरह मानदेय में वृद्धि की जाए, पांच वर्ष की अवधि के बाद नियमानुसार मानदेय बढ़ाया जाए, आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार पहले की तरह ठेकेदार द्वारा ढुलवाया जाए और प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन- शीत कालीन अवकाश दिया जाए।
उन्होंने कहा कि मानदेय काटा जाना बंद किया जाए, मृतक आंगनबाड़ी व सहायिकाओं की आश्रित महिला को योग्यतानुसार नियुक्ति दी जाए और मुख्य सेविका व लिपिकों के पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की शीघ्र पदोन्नति की जाए।
इन मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इन समस्याओं के निस्तारण के संबंध में सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। जल्द राहत न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
धरना प्रदर्शन करने वालों में अलका रानी, गुंजन चौहान, अनिता, गीता, सविता, सुनील, बीना शर्मा, सतीश, सुषमा, मुनेश, सुषमा, सीमा सैनी, लीला, अंजू देवी, मगन त्यागी, दीपाली, उर्मिला, कुुसुम, रविता, सुनीता, रितेश आदि मौजूद रहे।