संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़ । नगर पालिका क्षेत्र में यूनिपोल लगाने के मामले में डीएम की कार्रवाई के बाद भी रात के अंधेरे में दिल्ली रोड पर इन्हें लगाए जाने को लेकर कुछ लोगों ने आरोप लगाते हुए शिकायत की है। डीएम से की शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दो दिन पहले ही डीएम ने शहर में होर्डिंग और यूनिपोल के टेंडर और एक अन्य अनुमति को अनियमितता मिलने पर निरस्त करने के आदेश पालिका के ईओ को दिए थे।
गांव सबली निवासी जीतू, सपना देवी, मनोज कुमार, लेखराज कुमार, सोनू कुमार, बिल्लू कसाना, रविंद्र गुर्जर, प्रिंस शर्मा आदि ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाते हुए शिकायत की है, इसमें आरोप लगाया गया है कि गांव सबली के बाहर कट पर आरती एंटरप्राइजेज की ओर से नियम विरुद्ध नए यूनिपोल लगाए गए हैं। इसका लोगों ने विरोध भी किया। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा है। मामले में नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस तो मौके पर पहुंची, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि इस मार्ग पर एक बड़ा अस्पताल का रास्ता भी जाता है। इसके बाद भी लोगों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देते यूनिपोल सड़क पर लगाया गया है। इसलिए मामले में कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि उन्हें विभिन्न माध्यमों से जानकारी मिली है कि नगर पालिका क्षेत्र में सड़कों पर यूनिपोल आदि लगाने की अनुमति डीएम अभिषेक पांडेय ने शुक्रवार को निरस्त कर दी थी, लेकिन अनुमति निरस्त होने के बाद भी आदेश की अवहेलना करते हुए शनिवार की रात सड़क पर कई स्थानों पर बिना मानकों के यूनिपोल लगा दिए।
यह कहते हैं अधिकारी
जिलाधिकारी के आदेश की अभी लिखित में कोई जानकारी नहीं मिली है। नगर पालिका की ओर से जानकारी देने पर अनुमति निरस्त कर दी जाएगी। हमारी ओर से अनुमति देते समय रोड सेफ्टी के नियमों का पालन करने के आदेश संबंधित फर्म के संचालक को दिए गए थे। अनुमति निरस्त होने के आदेश मिलने पर सड़क से यूनिपोलों को हटवाया जाएगा। - शैलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
आरती एंटर प्राइजेज के संचालक बिमलेश ने बताया कि मामले में उच्च न्यायालय में वाद दायर है। अभी प्रकरण लंबित है। सभी विभागों की ओर से अपने जवाब दाखिल कर दिए गए हैं। अनुमति निरस्त होने को लेकर कोई लिखित में आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हमारी ओर से जिलाधिकारी के यहां कोई शिकायत नहीं की गई थी। नियमानुसार टैक्स पूरा जमा करके अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया गया था।