अब ग्रामीण अंचलों के अलावा शहर के वार्डों में रहने वाले लोग भी अपने घर के पास से ऑनलाइन सभी प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। इसके लिए अब किसी को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले में दिसंबर माह तक ऐसे 369 जनसेवा केंद्र चालू कर दिए जाएंगे।
फिलहाल 59 केंद्र संचालित हो रहे हैं जबकि 35 नए केंद्र खोलने के लिए तेजी से काम चल रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिले के इन केंद्रों पर अब तक 26 सुविधाएं ही मिल रही थी लेकिन दिसंबर तक 90 सेवाएं मिलने लगेंगी।
ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन सेवा मुहैय्या कराने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास में लगा है। जिले में 273 ग्राम पंचायतें हैं लेकिन अब तक महज 59 जनसेवा केंद्र ही खोले जा सके हैं। शेष ग्राम पंचायतों में साल के अंत तक ऐसे केंद्र खोलने का लक्ष्य है।
ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी क्षेत्र के 96 वार्डों में भी जनसेवा केंद्र खोले जाएंगे। अब तक इन केंद्रों पर 26 तरह के प्रमाण पत्र ही बनाए जा रहे है लेकिन अब इन केंद्रों पर 90 तरह की सेवाएं मिलेगी।
इन सेवाओं में वृद्धापेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन, राशनकार्ड, शिकायत, रोजगार के लिए आवेदन, पैन कार्ड, आधार कार्ड, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल, आदि सुविधाएं शामिल हैं।
जिले के लोग गांव में खुले जनसेवा केंद्रों से विभिन्न प्रमाण पत्र लेने के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ भी उठा सकते हैं। जिले में इस समय 59 जनसेवा केंद्र संचालित हैं लेकिन दिसंबर तक इनकी संख्या 369 करने की योजना है। वरुण कुमार ई डिस्ट्रिक मैनेजर
ई डिस्ट्रिक मैनेजर वरुण कुमार ने बताया कि जनसेवा केंद्र पर खतौनी लेने के लिए 30 रुपये का शुल्क लिया जाएगा और अन्य योजनाओं के लिए 20 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। किसी भी केंद्र पर निर्धारित शुल्क से अधिक वसूले जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिले में जनसेवा केंद्रों की संख्या कम होने के चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हापुड़ शहर के नजदीक असौड़ा गांव और दिल्ली रोड स्थित अर्जुन नगर में महज दो केंद्र स्थित हैं। इन केंद्रों पर आय, जाति, मूलनिवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काफी संख्या में आवेदक पहुंचते हैं।
लेकिन केंद्रों पर भीड़ होने के कारण कई बार आवेदकों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। इतना ही नहीं नेट की कनेक्टीविटी भी बीच-बीच में गायब होने से समस्याएं बढ़ जाती है।
आवास विकास कालोनी निवासी दिनेश शर्मा का कहना है कि जनसेवा केंद्रों की कमी के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इनकी संख्या बढ़ने से आसपास के आवेदकों को राहत मिलेगी।