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Hapur News: 11 साल का इंतजार, हापुड़ को मिले विज्ञान और गणित के 18 शिक्षक

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डायट परिसर में काउंसलिंग कराने पहुंचे शिक्षक। संवाद
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हापुड़। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित व विज्ञान शिक्षकों की भर्ती के करीब 11 साल बाद न्यायालय के आदेश पर हापुड़ में 18 शिक्षकोंं की पदस्थापना के आदेश हुए हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को इन शिक्षकों की जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में काउंसलिंग आयोजित कराई गई।
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बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार वर्ष 2013 में 29334 गणित व विज्ञान शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। यह परीक्षा वर्ष 2015 में कराई गई। भर्ती प्रक्रिया से असंतुष्ट बहुत से अभ्यर्थियों ने उच्चतम न्यायालय की शरण ली थी। इसमें अब शिक्षकों को बड़ी राहत दिलाते हुए पदस्थापना के आदेश दिए हैं। इसी क्रम में हापुड़ जिले को 18 शिक्षक मिले हैं। इनमें सात शिक्षक विज्ञान और 11 शिक्षक गणित और विज्ञान के हैं। बृहस्पतिवार को इन शिक्षकों को भर्ती प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करने की रसीद एवं पूरित आवेदन पत्र की प्रति, शपथ पत्र और दो पासपोर्ट साइज के फोटो सहित काउंसलिंग में मूल अभिलेखों के साथ शामिल होने के लिए बुलाया।



-किसी को 48 तो किसी को 49 की उम्र में मिली नौकरी-

न्यायालय के आदेश के बाद हापुड़ के लिए भर्ती शिक्षकों में किसी की उम्र 48 तो किसी की 49 वर्ष हो गई है। देर से ही सही लेकिन नौकरी मिलने की शिक्षकों के चेहरे पर खुशी है। हापुड़ के लिए चयनित शिक्षकों में 1983 से 1989 के बीच जन्में शिक्षकों की संख्या अधिक है।
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हापुड़ को मिले हैं ये शिक्षक

जिले को गणित, विज्ञान के शिक्षकों के रूप में आजाद शर्मा, अजब सिंह, अनुज कुमार, दलीप कुमार, धर्मेंद्र कुमार, दीपेंद्र कुमार, अंशु, मनोज कुमार, राहुल पंवार, रवीता चौधरी, संजय कुमार, सत्यपाल सिंह, सुबोध कुमार, सुशील कुमार, विनोद कुमार, युगंतरा धामा, कुंवर पाल सिंह, राजीव कुमार मिले हैं।



49 साल की आयु में मिली नौकरी
बुलंदशहर के जरिया आलमपुर निवासी दलीप कुमार ने बताया कि 2013 की भर्ती में भाग लिया था, लेकिन किन्हीं कारणों से नौकरी नहीं मिली इसलिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। अब 49 साल की आयु है। इस उम्र में नौकरी मिलने से बेहद खुशी है। करीब 13-14 साल की नौकरी के बचे हैं। काउंसलिंग हो गई है।

लंबी लड़ाई के बाद मिला सुखद परिणाम

मतनौरा निवासी अनुज ने बताया कि 2015 में यह भर्ती की गई थी। 11 साल तक लड़ाई लड़नी पड़ी। अब नौकरी मिली है। मेरी उम्र 43 वर्ष हो चुकी है, भले ही देर से नौकरी मिली, लेकिन अंत में सुखद परिणाम आया है।

शिक्षकों की कराई गई काउंसलिंग
बीएसए रीतु तोमर ने बताया कि गणित व विज्ञान के 18 शिक्षकों की काउंसलिंग डायट में कराई गई है। स्कूलों में इन विषयों के शिक्षकों की कमी अब दूर हो जाएगी।
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