हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय द्वितीय कोर्ट ने अवैध रूप से मादक पदार्थ (डोडा चूर्ण) रखने के एक मामले में शनिवार को निर्णय सुनाया। न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए चार वर्ष तीन माह के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा न्यायालय ने अवैध रूप से असलाह रखने के अन्य दो मामले में भी निर्णय सुनाया।
हापुड़ पुलिस ने वर्ष 2020 में चेंकिग के दौरान मोनू भटियाना को गिरफ्तार किया। जिसकी तलाशी लेने पर उसके पास से पांच किलो डेढ़ सौ ग्राम डोडा चूर्ण (अवैध मादक पदार्थ) बरामद किया। पुलिस ने आरोपी मोनू भटियाना के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर साक्ष्य संकलन की कार्रवाई कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय द्वितीय कोर्ट चल रही थी।
मामले के दोनों पक्ष सुनने के बाद न्यायाधीश विरेश चंद्रा ने मामले के आरोपी मोनू भटियाना को दोषी करार देते हुए चार वर्ष तीन माह के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को पांच दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा थाना पिलखुवा पुलिस ने वर्ष 2023 में हसीन निवासी मोहल्ला जमाई बक्सरपुरा सिंभावली जनपद हापुड़ के खिलाफ अवैध रूप से असलाह रखने का मुकदमा दर्ज किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी हसीन को दोषी करार देते हुए अब तक जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाई। साथ ही दोषी को दो हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
वहीं, थाना बहादुरगढ़ पुलिस ने वर्ष 2016 में टीटू निवासी आलमनगर कस्बा बहादुरगढ़ के खिलाफ अवैध रूप से असलाह रखने का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायाधीश ने मामले के आरोपी टीटू को दोषी करार देते हुए दो दिन के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।