संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। गर्मी की छुट्टी में यात्रियों को राहत दिलाने के लिए रेलवे द्वारा ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन स्पेशल ट्रेनों के बिगड़े संचालन के कारण अधिक किराया चुकाने पर भी रेल यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए 18 घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। नियमित ट्रेनों के बिगड़े संचालन ने भी यात्रियों को परेशान किया।
रक्सौल जंक्शन से चलकर दिल्ली को जाने वाली ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन अपने निर्धारित समय से 18 घंटे 40 मिनट देरी से रेलवे स्टेशन आई। जबकि गोरखपुर जंक्शन से चलकर नई दिल्ली को जा रही ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन 17 घंटे 15 मिनट की देरी से चली। ऐसे में ट्रेनों में सवार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्पेशल ट्रेनों के साथ ही मुरादाबाद से चलकर गाजियाबाद को जाने वाली मेमू ट्रेन पांच घंटे 50 मिनट, बनारस से चलकर नई दिल्ली को जा रही काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस पांच घंटे, प्रतापगढ़ से दिल्ली को जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस तीन घंटे 10 मिनट, प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस दो घंटे 20 मिनट देरी से आई।
इनके अलावा रक्सौल से चलकर आनंद विहार को जा रही सत्याग्रह एक्सप्रेस एक घंटा 20 मिनट, बरेली से भुज को जा रही आला हजरत एक्सप्रेस एक घंटा 10 मिनट, डिबरूगढ़ से लालगढ़ जा रही अवध असम एक्सप्रेस 40 मिनट, टनकपुर से दिल्ली जंक्शन जा रही पूरनगिरी जनशताब्दी एक्सप्रेस आधा घंटा व दिल्ली से छपरा जाने वाले लोकनायक एक्सप्रेस भी आधा घंटा देरी से आई। ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों का पसीना निकल गया।
कार्यवाहक स्टेशन अधीक्षक वीपी सिंह का कहना है कि रेलवे लाइनों पर जगह जगह ब्लॉक लेकर मरम्मत कार्य किया जा रहा है। जिस कारण ट्रेनों का संचालन पीछे से ही बिगड़ा हुआ है और गंतव्य को भी देरी से पहुंच रही हैं।