हापुड़। शहर के दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव और मेले में लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। समिति की ओर से दशहरा (विजयदशमी) की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रामलीला मैदान में 65 फुट ऊंचे रावण का पुतला स्थापित किया गया है। जिसका बुधवार तड़के चार बजे दहन किया जाएगा। मैदान में रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाद के पुतले खड़े कर दिए गए हैं। लोग पुतलों के पास सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं।
श्री रामलीला समिति के प्रधान विनोद वर्मा ने बताया कि पुतलों का दहन श्रीराम का किरदार निभा रहे कलाकार द्वारा तीर मारकर बुधवार तड़के चार बजे किया जाएगा। रावण का पुतला 65 फुट, कुंभकरण का 60 फुट और मेघनाद का पुतला 55 फुट ऊंचा है। पुतलों में रंग-बिरंगी लाइट भी लगाई गई हैं, जो रात्रि में आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। इसके साथ ही पुतलों में कारीगरों ने आतिशबाजी भी लगाई गई है। दहन के दौरान भव्य आतिशबाजी की जाएगी।
हापुड़ में अगले दिन होता है रावण दहन
शहर में रामलीला के मंचन का इतिहास काफी प्राचीन है। प्रधान विनोद वर्मा ने बताया कि रामलीला का मंचन वर्ष 1910 में शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक पूरे देश में एकमात्र हापुड़ नगर ऐसा है, जहां पुतलों का दहन विजयदशमी से अगले दिन तड़के सुबह चार बजे किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसकी मुख्य वजह है कि हापुड़ में होने वाला मंचन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी प्रसिद्ध रहा है। जिसे देखने के लिए पहले बुलंदशहर, मेरठ समेत दूर-दराज से देखने के लिए आते थे। पहले रात में जाने के लिए रास्ते अच्छे नहीं होते थे। जिसके कारण हापुड़ में रावण दहन तड़के किया जाता था। अब यह रीति बन चुकी है।