हापुड़/पिलखुवा/गढ़। भैय्यादूज पर पुलिस-प्रशासन समेत रोडवेज और रेलवे के दावों की हवा निकल गई। पूरा जिला दिनभर जाम से जूझता रहा। बहनों को भाई के पास पहुंचने के लिए घंटों सड़क पर मशक्कत करनी पड़ी। अवल्ल वाहनों में सीट नहीं मिली। खड़े-खड़े सफर करने के साथ हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर के हर प्रमुख चौराहों पर घंटों वाहन फंसे रहे। पिलखुवा में हाईवे पर तीन घंटे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही। आलम यह रहा कि रुक-रुक कर कई जगह लोग जाम में फंसे और घंटों परेशान हुए।
हापुड़ में सुबह करीब ग्यारह बजे अचानक शहर में वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ गया। देखते ही देखते तहसील चौपला, मेरठ तिराहा पर भीषण जाम लग गया। परिणामस्वरुप मेरठ रोड, दिल्ली रोड, बुलंदशहर रोड, गढ़ रोड पर वाहनों की लंबी लंबी कतार लग गई। दोपहर करीब बारह बजे स्थिति ओर ज्यादा बिगड़ गई। तहसील चौपला से अतरपुरा चौपला पर वाहनों की कतार लग गई। सैंकड़ों वाहन जाम में फंसे हुए थे।
मेरठ जाने वाले वाहन चालकों ने जाम को देख स्वर्ग आश्रम रोड से होते हुए ग्राम असौड़ा होते हुए मेरठ रोड पर पहुंचे। जाम लगने से कोतवाली पुलिस भी विभिन्न चौराहे पर पहुंचे और करीब दो घंटे में किसी तरह जाम खुलवाया।
पिलखुवा में बस स्टैंड के पास सुबह 6 बजे से जाम लगना शुरू हो गया। स्थिति यह रही कि वाहनों की लंबी लंबी कतार लग गई। जाम में फंसकर बहनों को खासी परेशान हुई। जाम लगने की सूचना मिलते ही यातायात पुलिस भी मौके पर पहुंची और घंटों मशक्कत कर जाम खुलवाया। जाम के खुलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। बाद में दोपहर और शाम के समय में भी कई बार रूक रूककर जाम लगा, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप करने से जाम खुल सका।
वाहनों का दबाव आम दिनों के मुकाबले कई गुना हो गया था। सभी चौराहों पर यातायात पुलिसकर्मी तैनात थे। वे हर वक्त खुलवाने में लगे रहे।
सुधीर कुमार,यातायात प्रभारी