गढ़मुक्तेश्वर। भाकियू ने पंचायत में विचार-विमर्श के बाद 104 किसानों के विरुद्ध दर्ज रिपोर्ट निरस्त करने अथवा गिरफ्तार करने, गन्ना रेट बढ़ाने, गन्ना पर्ची न मिलने और ब्रजघाट टोल फ्री न होने पर कोतवाली का घेराव किया। किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है।
सोमवार को गुरुद्वारा परिसर में आयोजित भाकियू पंचायत में प्रांतीय उपाध्यक्ष चौधरी सतबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गन्ने का रेट घोषणा पत्र से 60 रुपये प्रति कुंतल कम घोषित किया है। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने कहा कि शासन ने नगर पालिकाध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज करके छोटी मानसिकता का परिचय दिया है, जो नगर की जनता के साथ कुठाराघात है।
जिला महासचिव दिनेश खेड़ा ने कहा कि सिंभावली शुगर मिल माफिया को पर्ची दे रही है, जबकि किसान बिना पर्ची के गन्ना नहीं काट पा रहे हैं। उन्होंने गन्ने का तुरंत भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री से वार्ता होने के बाद भाकियू मांगें पूरी न होने पर दोबारा से उग्र आंदोलन छेड़ देगी। जिला उपाध्यक्ष डॉ. रामपाल चौहान, जिला सचिव रामबीर सिंह एवं सतीश फौजी, यूथ जिलाध्यक्ष शिव कुमार तोमर ने भी विचार रखे।
पंचायत के बाद कार्यकर्ता जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कोतवाली पहुंचे और गेट पर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। किसानों ने कोतवाली का घेराव करते हुए उनके विरुद्ध दर्ज रिपोर्ट को निरस्त करने अथवा उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। इस पर कोतवाली इंचार्ज ने आश्वासन दिया कि एमडी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसकी विवेचना जारी है। विवेचना के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर इफ्तेकार, सोनू चौधरी, विक्रम चौहान, विरेन्द्र सिंह, लोजपा के वेस्ट उत्तर प्रदेश अध्यक्ष जोगेन्द्र सिंह, जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, महासचिव आरिफ सैफी, प्रदेश सचिव भाकिूय मांगेराम त्यागी, सतबीर चौहान, दयाचंद त्यागी,,हीरा सिंह, कृपाराम, मुबारक, टिलवा, अनिल, गजराज, उत्तम, केशव, रामवती, मंजोरानी, कुंवरपाल, रुपचंद यादव, मनोज ठाकुर आदि थे।