पैंठ के विरोध में लामबंद हुए ज्ञानलोक निवासी
हापुड़। फ्रीगंज रोड पर पैठ लगाने का मामला अब प्रशासन और पालिका के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। एक दिन पूर्व दुकानदारों ने बस अड्डे में पैठ लगाने से इंकार करते हुए फ्रीगंज रोड पर ही पैठ लगाने की मांग की थी, वहीं अब स्थानीय लोग पैठ लगाने के विरोध में उतर आए हैं। शुक्रवार को ज्ञानलोक मोहल्ले के लोगों ने बैठक कर पैठ लगाने का विरोध जताया तथा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी।
प्रशासन द्वारा पुराने बस अड्डे में पैठ लगाने के आदेश के बाद इतवार पैठ बाजार एसोसिएशन ने इससे इंकार कर दिया गया है। एसोसिएशन ने फ्रीगंज रोड या फिर पुराने स्थान गोल मार्केट में ही पैठ लगाए जाने की मांग की थी। एसोसिएशन की इस मांग के बाद शुक्रवार को ज्ञानलोक कालोनी के लोग भी इसके विरोध में लामबंद हो गए। दरअसल, कालोनी और फ्रीगंज रोड पर कुछ चिकित्सकों ने इसकी शिकायत डीएम से की थी। लेकिन एक बार फिर मामला गर्माने के बाद कालोनी के लोगों ने बैठक की। ज्ञानलोक पार्क में हुई बैठक को संबोधित करते हुए
व्यापारी नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि कुछ माह पूर्व नगर पालिका परिषद ने अपनी मनमर्जी के चलते गोल मार्केट से इस पैठ को हटाकर फ्रीगंज रोड पर लगवा दिया। इससे इस मार्ग पर स्थित एक दर्जन से अधिक मोहल्ले के लोगों का आना जाना बंद हो जाता था। जबकि यह मार्ग शहर का पॉश क्षेत्र है और इस पर आठ अस्पताल बने हैं। लेकिन कुछ लोग इस पैठ को फिर से फ्रीगंज रोड पर लगवाने की साजिश रच रहे हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर की जाएगी वहीं फ्रीगंज रोड पर पैठ लगने पर चुनाव बहिष्कार करने की घोषणा की गई। बैठक की अध्यक्षता डा. पराग शर्मा ने की। इसमें कुछ अन्य मोहल्लों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बैठक में डा. दुष्यंत बंसल, डा. अजय गोयल, देवेंद्र सिंह, अमित सिंहल, अनिल अग्रवाल, सीता अग्रवाल, अंकुर, मुनीष गर्ग, अशोक कुमार, पंकज अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
पैठ लगाकर सेना की भूमि को कब्जाने का प्रयास
उधर, रामलीला कमेटी ने भी इसका विरोध करते हुए पैठ को यहां लगाए जाने को सेना की भूमि पर कब्जे की साजिश बताया है। कमेटी के संरक्षक अनिल आजाद ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व फ्रीगंज रोड पर पैठ लगवाकर सेना की भूमि को फिर से कब्जाना चाहते हैं। जबकि इस भूमि को कुर्क करने के बाद प्रशासन ने कोतवाली पुलिस की निगरानी में छोड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर कुछ लोगों ने चारदीवारी बना ली हैं। ऐसे में इसे दोबारा से कब्जा मुक्त कराया जाए। इस संबंध में डीएम से भी शिकायत की जाएगी।