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प्राइमरी स्कूल के कमरे की छत गिरी, दर्जनों मासूम बाल बाल बचे

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प्राइमरी स्कूल के कमरे की छत गिरी, दर्जनों मासूम बाल-बाल बचे
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गढ़मुक्तेश्वर। प्राइमरी स्कूल में कमरे की छत गिरने से दर्जनों मासूम बच्चे उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। इससे गुस्साए लोगों ने हंगामा करते हुए जर्जर बिल्डिंग की मरम्मत न होने पर बच्चों को स्कूल न भेजने की चेतावनी दी।
गढ़ तहसील क्षेत्र के गांव बहादुरगढ़ के प्राइमरी स्कूल नंबर एक में बिल्डिंग जर्जर होने पर उसे कई माह पहले बंद कर दिया गया था। उससे सटे दूसरे कमरे में पहली क्लास के दर्जनों बच्चे पढ़ते हैं। बुधवार दोपहर स्कूल की छुट्टी होने से कुछ देर पहले जर्जर कमरे की छत धड़ाम से नीचे गिर पड़ी, जिससे साथ वाले कमरे में पढ़ रहे पहली क्लास के बच्चों के होश उड़ गए, जो डरकर बाहर की ओर भागे। इस घटना का पता लगते ही दर्जनों ग्रामीण स्कूल पहुंच गए, जिन्होंने कई बार शिकायत करने के बाद भी जर्जर कमरे की मरम्मत न कराए जाने के विरोध में जमकर नारेबाजी की। शिवदत्त जाटव, विकास तोमर, आकाश, निक्की, मदनपाल, गब्बर, छत्रपाल, सुरेंद्र, फकीरचंद, जितेंद्र चौहान, सोमपाल, सूरज, मोनू गुर्जर, राधेश्याम, विपिन गुर्जर का कहना है कि अगर यह हादसा मध्याह्न के दौरान हो जाता तो आसपास खेलकूद करने वाले दर्जनों बच्चे इसकी चपेट में आ सकते थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर स्कूल की जर्जर हो चुकी बिल्डिंग की अविलंब मरम्मत नहीं कराई गई तो फिर वे अपने बच्चों को सरकारी प्राइमरी स्कूल में भेजने की बजाए उनका दाखिला निजी स्कूलों में कराने को मजबूर होंगे।
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एबीएसए देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि जिस जर्जर कमरे की छत गिरी है, उसे कई माह पहले बंद कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि जर्जर हो चुकी बिल्डिंग को गिरवाकर नया निर्माण कराने का प्रस्ताव भेजा हुआ है, जिसे मंजूरी मिलते ही बहुत जल्द जर्जर बिल्डिंग को गिरवाकर नया निर्माण चालू करा दिया जाएगा।
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