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।ल न चलने पर भडक़े गांव उपैड़ा के किसान, गन्ने की जलाई होली

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तौल न होने पर भड़के गांव उपैड़ा के किसान, गन्ना जलाया
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हापुड़। गांव उपैड़ा स्थित गन्ना खरीद केंद्र पर तौल न चलने के विरोध में बृहस्पतिवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने सिंभावली शुगर मिल के खिलाफ प्रदर्शन किया। भड़के किसानों ने प्रदर्शन स्थल पर गन्ना जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने सदर विधायक व डीसीओ से कार्रवाई की गुहार लगाई है। राहत के आश्वासन पर किसान शांत हुए।
प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि बीते वर्ष उनके गांव में लगे गन्ना खरीद केंद्र पर काफी घटतौली की गई थी। इस मामले में उन्होंने गन्ना विभाग व प्रशासन से शिकायत की थी। इसके चलते शुगर मिल के अधिकारी उनका शोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास 30 व 31 अक्तूबर की तिथि डली पर्चियां मौजूद हैं। बृहस्पतिवार को वह ट्रैक्टर ट्रॉली व भैंसा बुग्गी में गन्ना लादकर क्रय केंद्र पर पहुंचे, लेकिन काफी इंतजार करने के बाद भी तौल चालू नहीं की गई। इसके विरोध में किसानों ने गन्ने की होली जलाकर, सिंभावली शुगर मिल के अफसरों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी व प्रदर्शन किया। इस मामले में किसानों ने डीसीओ व सदर विधायक विजयपाल आढ़ती को भी अवगत कराया। उनके जल्द राहत दिलाने के आश्वासन पर किसान शांत हुए। प्रदर्शन करने वालों में अमरपाल सिंह, राकेश त्यागी, अजय त्यागी, अशोक कुमार, प्रभात चौधरी, महिपाल सिंह, राहुल, लोकेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह ने कहा कि किसानों को इस तरह की समस्या से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। गन्ना खरीद केंद्र पर तौल चालू करवा दी जाएगी।
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भाकियू की मासिक पंचायत में गरमाया गन्ना भुगतान का मुद्दा

गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली गन्ना समिति परिसर में हुई भाकियू की मासिक पंचायत में बकाया गन्ना भुगतान समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में अपराधों पर अंकुश न लगने के विरोध में थाने का घेराव कर हंगामा किया।
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सिंभावली गन्ना समिति परिसर में बृहस्पतिवार को भाकियू की मासिक पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने कहा कि सिंभावली शुगर मिल का नया पेराई सत्र आरंभ हो चुका है, लेकिन अब तक किसानों को उनका बकाया गन्ना भुगतान नहीं मिल सका है। इसके चलते किसानों को आर्थिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने पावर कॉरपोरेशन समेत तहसील मुख्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाने की मांग की। पंचायत के बाद दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता सिंभावली थाने पर पहुंच गए और थाने का घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में बढ़ रही चोरी, लूट और दबंगों के उत्पीड़न के मामलों का खुलासा न होने और अपराधियों पर लगाम न कसने का आरोप लगाते हुए हाइवे जाम करने का भी प्रयास किया। पदाधिकारियों के समझाने पर कार्यकर्ता थाने के गेट पर धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि गांव बक्सर में दलित परिवार के साथ मारपीट, महिलाओं से अभद्रता के आरोपियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं गांव हरोडा के किसान अशोक और अरविंद के घर, सिंभावली की गंगा विहार कालोनी में हुई चोरी की घटनाओं समेत गांव दरियापुर के किसान प्रमोद की हत्या जैसी घटनाओं में भी पुलिस अब तक खाली हाथ है। इसके चलते क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। सभी घटनाओं के खुलासे की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने करीब तीन घंटे तक थाने का घेराव किया। इंस्पेक्टर दीक्षित त्यागी ने सभी घटनाओं का खुलासा करने और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद भाकियू ने 10 नवंबर तक धरना स्थगित करने की घोषणा की। इस दौरान महिला जिलाध्यक्ष बबली त्यागी ,सरदार कुंवर सिंह, डॉ. कुंवर पाल निमेष, डॉ. रामपाल चौहान, सुरेंद्र चौहान, चमन सिंह, गुलजार खां, शोभाराम आर्य, अय्यूब प्रधान, सुरेंद्र सिंह, राजेश समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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