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भाकियू का बेमियाद आंदोलन स्थगित हुआ

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भाकियू का बेमियादी आंदोलन स्थगित
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- डीएम से वार्ता के बाद स्थानीय प्रशासन से लिखित में वादा मिला
- तीन किसान परिवारों को दुकानों समेत एक-एक सदस्य को नौकरी भी मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। डीएम से वार्ता और स्थानीय प्रशासन से लिखित में वादा मिलने के बाद भाकियू ने अपना बेमियादी आंदोलन स्थगित कर दिया। समझौते के मुताबिक तीन किसान परिवारों को दुकानों समेत एक-एक सदस्य को नौकरी मिलेगी और इंटर तक बच्चों की शिक्षा भी मुफ्त मिलेगी।
सर्किल रेट के अनुरूप मुआवजा दिए बिना गढ़ में हाईवे किनारे चालू की गई मंडी में भाकियू का बेमियादी आंदोलन बुधवार को 24 वें दिन भी जारी रहा। हालांकि एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य बुधवार को हापुड़ मंडी सचिव शिवकुमार को लेकर भाकियू के धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने भाकियू नेताओं से काफी लंबी वार्ता कर उनका पक्ष भी सुना। इसके बाद मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी और प्रवक्ता दिनेश खेड़ा की मोबाइल पर डीएम से वार्ता भी करवाई गई। इसके बाद मंडी सचिव ने भाकियू नेताओं को लिखित में भरोसा दिया कि किसान माशाअल्ला, राहत अली और अनवार खां को मंडी में दो-दो दुकान आवंटित कराने के साथ ही उनके परिवारों के एक-एक सदस्य को नौैकरी समेत उनके बच्चों को इंटर तक की पढ़ाई मुफ्त दिलाई जाएगी। इसके अलावा एसडीएम ने किसानों को मौखिक तौर पर यह भरोसा भी दिया कि उनके मुआवजा संबंधी मामले में जायज तौर पर हर मुमकिन मदद भी कराई जाएगी। लिखित में आश्वासन मिलने पर मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी, प्रवक्ता दिनेश खेड़ा, सचिव रामपाल चौहान, कार्यकारिणी सदस्य शब्बू चौधरी, जिला महासचिव दिनेश त्यागी, जिला उपाध्यक्ष प्रधान अय्यूब, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबली त्यागी ने धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं समेत संबंधित किसानों से सलाह मशविरा करने के बाद 24 वें दिन शाम को अपना बेमियादी आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी।
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- बेमियादी अनशन पर बैठीं दो और महिलाओं की हालत बिगड़ी, हरकत में आया स्थानीय प्रशासन
मंडी में अधिग्रहित की गई जमीन का सर्किल रेट के मुताबिक मुआवजा न मिलने के विरोध में भाकियू ने 11 दिसंबर को मंडी स्थल पर बेमियादी धरना प्रारंभ किया था। इसमें शामिल महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबली त्यागी के नेतृत्व में आसमां खातून, मुशर्रफ जहां, नईमा खातून और शमीम बानो ने रविवार को बेमियादी अनशन शुरू किया था। कंपकंपाने वाली सर्दी के मौसम में भूखा-प्यासा रहने से मंगलवार की सुबह मुशर्रफ जहां को तबियत बिगड़ने पर पुलिस ने सीएचसी में भर्ती कराया था। जबकि देर रात को नईमा खातून और शमीम जहां की हालत बिगड़ने पर स्थानीय चिकित्सक को बुलाया गया था। तीन महिलाओं की हालत बिगड़ने पर स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम की मौजूदगी में मंडी समिति सचिव के साथ वार्ता सफल होने पर लिखित में वादा किए जाने पर भाकियू ने बेमियादी आंदोलन स्थगित कर चौथे दिन महिलाओं का अनशन समाप्त करा दिया। इस दौरान श्याम सुंदर त्यागी, करनसिंह, नबी अहमद, मौमीन, कृष्णपाल, इफ्तेकार, नत्थू त्यागी, बबलू, परवेज, महेंद्र, मुकीम खां, सोनू सैनी, बीना, अफसार, रिजवाना, अफसरी, रुकैया, रहनुमा, भूरी, इनाम, मुबारक, फरहान, इकराम, ब्रजपाल, इंशाद, तौसीफ, मनुवा, राहत, ताज मोहम्मद, नन्हू, वकील अहमद समेत दर्जनों किसान और भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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