धनतेरस आज, ब्रह्म योग में पूजन से होगा धनलाभ
धनतेरस आज के साथ आज से पांच दिवसीय दीपोत्सव प्रारंभ
- धनतेरस पर बन रहा ब्रह्म योग, 19 को होगी लक्ष्मी पूजा
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। पांच दिवसीय दीपोत्सव आज धनतेरस के साथ शुरू हो गया। इसके बाद लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा और भैय्यादूज के साथ समापन होगा। धनतेरस पर ब्रह्म योग बन रहा है जो शुभ और कल्याणकारी होगा। इसके साथ ही मंगलवार को रोग दूर करने के लिए भगवान धनवंतरि की भी पूजा होगी।
पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि मंगलवार को धनतेरस है। इस दिन वाहन, बर्तन आदि खरीदना शुभ होता है। मध्यकाल में 12.04 से 1.30 बजे तक अमृत चौघड़िया का योग बन रहा है। 2.55 से 4.20 बजे तक राहु काल रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य करने से बचें। शाम को 5.20 से 8.55 बजे तक लाभ की चौघड़िया रहेगा। इस दौरान कुबेर यंत्र की पूजा करनी चाहिए। इस दिन आयुर्वेद प्रवर्तक धनवंतरि समंदर मंथन से अवतरित हुए थे। इसलिए इस दिन उनकी जयंती भी मनाई जाती है। दीर्घायु व रोग से निवारण के लिए धनवंतरि की पूजा अवश्य करें।
18 अक्तूबर को यम चतुर्दशी
पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि यम यातना से निवृत्ति के लिए इस दिन यम की पूजा की जाती है। इसलिए इसे यम चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन नरकासुर राक्षस का श्रीकृष्ण ने वध किया था। इसलिए इस दिन छोटी दीपावली भी मनाई जाती है। शाम 7.20 से रात 12.09 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा। इसमें यम के 14 नामों से दीपदान का विशेष महत्व होता है।
19 अक्तूबर को होगी लक्ष्मी पूजा
पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि श्रीराम के 14 वर्ष वनवास के बाद अयोध्या आगमन पर अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर खुशियां मनाई थी। तब से दीपावली मनाई जाती है। इस दिन दोपहर 12.04 बजे से 1.29 बजे तक लाल की चौघड़िया रहेगा। इसमें प्रतिष्ठान, दुकान फैक्ट्री आदि का शुभ समय रहेगा। जबकि शाम 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक घरों में महालक्ष्मी की पूजा का शुभ समय रहेगा। इसके साथ ही 20 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा व 21 अक्तूबर को भैय्यादूज पर्व मनाया जाएगा।
धनतेरस पर सजे बाजार, कारोबारियों को धनवर्षा की आस
गढ़मुक्तेश्वर। धनतेरस के मद्देनजर दुकानें सज गईं हैं। महिलाएं घरेलू उपयोग के सामान खरीदने के लिए बाजारों में उमड़ रहीं हैं।
आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के भगवान वैद्य धनवंतरी की जयंती अर्थात धनतेरस का त्योहार मंगलवार को मनाया जाना है, जिसके मद्देनजर व्यापारियों ने अपनी दुकानें और प्रतिष्ठानों को आकर्षक डिजाइनों से सजाया हुआ है, जिससे कि ग्राहकों के आकर्षित होने पर उनकी बिक्री अधिक हो सके। बाजारों में चाइनीज झालर से लेकर रंग बिरंगे डिजाइनों वाले कंडील, मोमबत्ती तथा इलेक्ट्रिक दीपक उपलब्ध हैं। व्यापारी संजय रंगोली, अमरीश शर्मा, प्रदीप कौशिक का कहना है कि शुगर मिल चालू न होने और पिछले साल का गन्ना पेमेंट न मिलने से किसानों के जेब खाली हैं, जबकि इस साल जीएसटी भी लागू हुई है। लेकिन फिर भी कारोबारी धनतेरस पर मंदी की मार दूर होने की उम्मीद लगाए हुए हैं।