नगर पालिका के ‘घर’ में ही पल रहा डेंगू
हापुड़। शहर में मच्छरों से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका द्वारा की जा रही फॉगिंग और इसके लिए चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की पोल बृहस्पतिवार को उस समय खुल गई, जब दिल्ली से आई विशेष टीम को नगर पालिका परिसर स्थित एक कूलर में ही डेंगू का लार्वा मिल गया। शुरू में अधिकारियों ने इस बात को दबाने का प्रयास किया, लेकिन बाद में उन्हें यह बात माननी पड़ी। अब नगर पालिका द्वारा इस संबंध में कड़े आदेश जारी किए गए हैं।
बृहस्पतिवार को केंद्रीय संचारी रोग संस्थान की पांच सदस्यीय टीम डेंगू की स्थिति जानने के लिए अचानक हापुड़ पहुंची। टीम ने सबसे पहले हापुड़ नगर पालिका परिसर स्थित कूलरों और टंकियों के आसपास की जांच शुरू की। टीम ने निर्माण विभाग में रखे एक कूलर के पानी की जांच की तो उसमें डेंगू का लार्वा मिल गया। टीम में शामिल सदस्यों के इस खुलासे से नगर पालिका के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। टीम ने पालिका अधिकारी और लिपिक से डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए चलाए जा रहे अभियान के बारे में पूछताछ की। इसके बाद परिसर में रखे अन्य कूलर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आवासों में लगे कूलरों की जांच की तो वहां भी डेंगू का लार्वा मिला। इसके बाद टीम आदर्श नगर कॉलोनी में पहुंची। यहां एक ढाबे के पास रखे टायरों में पानी भरा हुआ था। इसकी जांच करने पर यहां भी डेंगू का लार्वा मिला।
इस स्थिति पर टीम ने नाराजगी जाहिर की। टीम में शामिल अधिकारियों ने इस घोर लापरवाही पर मामले की रिपोर्ट केंद्र को सौंपने की बात कही है। टीम के जाने के बाद नगर पालिका के अधिकारी नींद से जागे और आनन-फानन में आदेश जारी किए।
नगर पालिका खुद बीमार
नगर पालिका पर शहर को इस प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए फागिंग और जागरूकता आदि का जिम्मा होता है। लेकिन नगर पालिका परिसर के अंदर कूलरों में मिले डेंगू के लार्वा ने यह सिद्ध कर दिया है कि नगर पालिका ने इस मद में लाखों रुपये खर्च कर किस प्रकार का कार्य किया है। सभासदों ने पिछले दिनों हुई बोर्ड बैठक में इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
शहर के अस्पताल में भरे पड़े हैं बुखार से पीड़ित मरीज-
यह नगर पालिका की लापरवाही का ही नतीजा है कि शहर में मच्छर जनित रोगों से होने वाली बीमारियों जैसे बुखार आदि के मरीज अस्पतालों में भरे पड़े हैं। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारी भी आंखें मूंदे हैं। नगर पालिका शहर में अगर ढंग से फॉगिंग करवाती तो इन रोगों की रोकथाम संभव थी।
कोट
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने लापरवाही से कूलरों में पानी भरा छोड़ दिया था। कूलरों को तुरंत खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को शहर में जागरूकता अभियान चलाने के लिए निर्देशित किया गया है।
- जितेंद्र कुमार आनंद, अधिशासी अधिकारी