जिला पंचायत के 30 करोड़ के पुराने टेंडर निरस्त
हापुड़। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए जारी जिला पंचायत के तीस करोड़ के टेंडर कमिश्नर ने निरस्त कर दिए हैं। हाल ही में आयोजित बोर्ड बैठक में यह पुनरीक्षित बजट पास किया गया था। जिला पंचायत में पंजीकृत ठेकेदारों का वर्चस्व तोड़ने और विकास कार्यों में गुणवत्ता लाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अब नए नियम के तहत अन्य विभागों के पंजीकृत ठेकेदार भी जिला पंचायत की ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
जिला पंचायत में होने वाले विकास कार्यों में अनियमितताओं और धांधली को लेकर शासन और मेरठ मंडल आयुक्त डा. प्रभात कुमार के पास शिकायतें पहुंच रही थी। हापुड़ के जिला पंचायत सदस्यों की ओर से पूर्व जिपं अध्यक्ष पर पद का दुरुपयोग करने और नियमों को ताक पर रखकर गलत तरीके से कार्य कराए जाने के आरोप लगाए जा रहे थे। यह भी शिकायतें थी कि जिला पंचायतों में पंजीकृत ठेकेदार ही विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया में शामिल होते हैं। इस कारण विकास कार्यों के लिए होने वाली टेंडर प्रक्रिया की दर भी कम होती थी और काम की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। इन ठेकेदारों से साठगांठ के चलते कमीशन का खेल हो रहा था।
इसे गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने पुराने सभी टेंडरों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। आयुक्त के इस आदेश के बाद हाल ही में जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में पुनरीक्षित बजट से पास हुए तीस करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर भी ब्रेक लग गया है। इसके सभी टेंडरों को निरस्त कर दिया गया है।
अन्य विभागों के ठेकेदार भी ले सकेगा टेंडर
अभी तक जिला पंचायत के टेंडर इसी के पंजीकृत ठेकेदार लेते थे। दूसरे विभागों के ठेकेेदार इस प्रक्रिया से अलग रहते थे। अब कमिश्नर ने अन्य विभागों के ठेकेदारों को भी जिला पंचायत की टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अब लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण, सिंचाई विभागों के साथ आदि विभागों के पंजीकृत ठेकेदार भी जिपं की टेंडर प्रक्रिया में शामिल किए जाएंगे। अन्य विभागों के ठेकेदारों के आने से प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा और विकास कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। यह आदेश हापुड़ के साथ मंडल की सभी जिला पंचायतों के लिए जारी किए गए हैं। ऐसे में अब अन्य विभागों के ठेकेदारों का प्रक्रिया में शामिल कर फिर से ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। कमिश्नर डा. प्रभात कुमार ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला पंचायत की टेंडर प्रक्रिया में बदलाव का निर्णय लिया गया है। पुराने सभी टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। अब अन्य विभागों के पंजीकृत ठेकेदार भी जिपं के विकास कार्यों में टेंडर डाल सकेंगे।