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एसडीएम ने कुर्क करायी सेना के पड़ाव की जमीन

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एसडीएम ने कुर्क कराई सेना के पड़ाव की जमीन
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-कब्जे के हकदार का निर्णय होने तक भूमि को थाना प्रभारी की अभिरक्षा में सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। फ्रीगंज रोड पर स्थित विवादित सेना के पड़ाव की भूमि को बृहस्पतिवार को एसडीएम ने कुर्क करा लिया। कब्जे के हकदार का निर्णय होने तक भूमि को कोतवाली प्रभारी की अभिरक्षा में सौंपा गया है।
फ्रीगंज रोड पर स्थित सेना की पड़ाव की भूमि पर कुछ लोगों ने गैर कानूनी तरीके से कब्जा कर लिया था। इस संबंध में कुछ माह पहले अनिल आजाद एडवोकेट, आईटीआई कार्यकर्ता विजय पाल सिंह आदि ने जिलाधिकारी से शिकायत कर मामले को जोर-शोर से उठाया था। आरोप था कि तहसील के अधिकारियों ने अभिलेखों में हेराफेरी कर घोटाला कराया है।
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इस मामले की जांच तत्कालीन डीएम अनिल ढींगरा ने एसडीएम डा. अजय श्रीवास्तव को सौंपी थी। सेना के अधिकारियों से भी इस संबंध में बातचीत कर अभिलेखों की जांच की गई।
एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट 27 जुलाई को वर्तमान डीएम कृष्णा करुनेश को सौंप दी थी। रिपोर्ट में बताया गया कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि प्रश्नगत भूमि सशर्त गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट के तहत सर्वेंट्स ऑफ चिल्ड्रेन सोसायटी के पक्ष में अंतरित हुई। इसका स्पष्ट उल्लेख विक्रय पत्र में नहीं होने के कारण इस भूमि का नियम विरुद्ध विक्रय किया गया। यह शर्तों का उल्लंघन है। इस मामले में कार्रवाई के लिए प्रिंसिपल डायरेक्टर डिफेंस स्टेट्स के सेंट्रल कमांड को भेजा गया है।
एसडीएम ने बताया कि ग्राम असौड़ा के खसरा संख्या 2244 तथा चमरी का खसरा संख्या 177 सेना पड़ाव के नाम दर्ज थी। इस भूमि को विभिन्न व्यक्तियों को प्लाटिंग कर बेच दिया गया था।
इस संबंध में सितंबर में कुर्की की कार्रवाई के लिए रियाज खान, लता रानी, ममता शर्मा, बिंदु शर्मा, पवन सिंहल, शिल्पी सिंहल, सुनील दत्त, अनुराग शर्मा, मुकेश कुमार, रविंद्रपाल सिंह, नवीन कुमार शर्मा, विमला शर्मा के विरुद्ध नोटिस जारी किए गए थे।
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इस पर कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को भूमि को कुर्क कर लिया गया। भूमि के संबंध में मालिकाना हक का निर्णय होनेे तक यह भूमि कोतवाली प्रभारी की अभिरक्षा में रहेगी। इस कार्रवाई से इस भूमि में प्लाट काटने वालों में हड़कंप की स्थिति है। यह मामला काफी समय से शहर में चर्चा का विषय बना था। अगर इस मामले में गहन छानबीन हुई तो एक स्कूल को बेची गई जमीन तथा मेरठ रोड पर बनी एक कालोनी को लेकर भी कार्रवाई हो सकती है।
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