खुले में शौच करने वालों के नाम की बजेगी डुगडुगी
- अब खुले में शौच जाने वालों की होगी फजीयत, डमरू बजाकर होगा प्रचार
-सार्वजनिक स्थानों पर अंकित होंगे ऐसे लोगों के नाम
-नितिन दीक्षित --
हापुड़। मिन्नतों से न मानने वाले ग्रामीणों को अब खुले में शौच जाने पर शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी। पंचायत राज विभाग ने लोगों की खुले में शौच जाने की आदत छुड़वाने के लिए उनकी फजीयत करने का फैसला किया है। गांवों में ऐसे लोगों के नाम की डुगडुगी बजाई जाएगी और सार्वजनिक स्थानों पर इनके नाम अंकित किए जाएंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत हापुड़ में 273 गांवों को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य है। अभी तक अधिकतर गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। इन गांवों में प्रत्येक घर में मोटी धनराशि खर्च कर शौचालय बनवाए गए हैं। लेकिन ओडीएफ घोषित हो चुके गांवों की स्थिति भी बदतर है। शौचालय होते हुए भी काफी लोगों की खुले में शौच जाने की आदत नहीं छूटी है। करोड़ों खर्च के बावजूद खुले में शौच जाते लोगों को देख सरकारी तंत्र की पेशानी पर बल पड़ चुके हैं। इसके लिए अब नया तरीका निकाला गया है। गांव वार खुले में शौच जाने वालों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार की जा रही है। जिला पंचायत राज विभाग मिन्नतों के बाद भी नहीं मान रहे ऐसे लोगों की फजीयत पूरे गांव में करेगा। इनके नामों की डुगडुगी पूरे गांव में बजाई जाएगी। गांव में घूम-घूमकर इनके नाम का शोर मचाया जाएगा। इतना ही नहीं सार्वजनिक स्थलों पर बोर्ड लगाकर उनके नाम प्रदर्शित कराएंगे।
खुले में शौच करने वालों की पहचान के लिए पंचायत सचिव, टास्क फोर्स और गांव के ही लोगों की टीम तैयार की जाएगी। ये सुबह-चार से छह बजे तक गांवों में उन लोगों के नाम और पते नोट करेंगे जो खुले में शौच जाते हैं।
डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव का कहना है कि खुले में शौच जाने के आदी हो चुके लोगों को चिन्हित कर उनके नामों को सार्वजनिक किया जाएगा। गांवों में उनके नाम की डुगडुगी बजाने के साथ लिस्ट को सार्वजनिक स्थानों पर अंकित किया जाएगा।