जसरूपनगर: हजारों लोगों को जलभराव से मिलेगी मुक्ति
मोदीनगर रोड पर जसरूपनगर गांव के हजारों लोगों को जल्द जलभराव की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। मंडलायुक्त प्रभात कुमार ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को इस मामले पर फटकार लगाकर धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले अधूरे पड़े नाले का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को एडीएम ने तीन विभागों के अफसरों को तलब कर अगली बैठक में इस कार्य से जुड़ी फाइलें लाने को कहा है। दरअसल धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र, असौड़ा गांव और संजय विहार आवास विकास कालोनी, सर्वोदय कालोनी समेत अनेक इलाकों का पानी मेरठ रोड स्थित असौड़ा की पुलिया पर एकत्रित होने के बाद दस्तोई रोड की ओर से होते हुए जसरूप नगर गांव में आकर एक तालाब में एकत्रित हो जाता है, जिसका आगे कोई निकास नहीं है।
इससे यह पानी उफनाकर लोगों के खेतों और घरों तक में घुस जाता है। परिणामस्वरूप आसपास के हजारों लोगों का जीवन नारकीय बना रहता है। इस मामले को लेकर अनेक बार धरना प्रदर्शन हो चुके हैं।
आश्चर्य की बात यह है कि कई वर्ष पहले मेरठ के तत्कालीन मंडलायुक्त के निर्देश पर धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से निकले इस नाले को छोइया नाले तक पक्का बनाने के निर्देश दिये गये थे।
इस नाले को अवस्थापना निधि से बराबर पैसा खर्च कर बनाने के लिए एचपीडीए, नगर पालिका परिषद और आवास विकास परिषद के अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
एचपीडीए ने 91 लाख रुपये खर्च कर अपने हिस्से का नाला बनवा दिया लेकिन बाकी दोनों विभागों ने कार्य नहीं कराया। इससे यह समस्या ऐसे ही बनी रही।
सूत्रों का कहना है कि वर्तमान मंडलायुक्त की जानकारी में यह समस्या आई तो उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को फटकार लगाकर अधूरे नाले को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश राय ने शुक्रवार को इन तीनों विभागों के अफसरों को तलब किया।
हालांकि आवास विकास के अधिकारी नहीं आए। प्राधिकरण की ओर से मुख्य अभियंता एपी सिंह, अधिशासी अभियंता अजीत त्यागी और सहायक अभियंता दिनेश गुप्ता व अवर अभियंता शमीम अख्तर और नगर पालिका परिषद की ओर से अवर अभियंता रहीस अहमद उपस्थित रहे।
एडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 14 जुलाई को फिर इस मुद्दे पर बैठक होगी, जिसमें तीनों विभागों के अधिकारी इस नाले से संबंधित फाइल लेकर आएं ताकि इस कार्य को जल्द पूरा कर समस्या का समाधान किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस कार्य के पूरा होने तक पालिका परिषद और आवास विकास को अवस्थापना निधि का कोई पैसा नहीं मिलेगा।