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गढ़ बार एसोसिएशन चुनाव में संयुक्त मोर्चा गुट का दबदबा बरकरार रहा

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अमरपाल अध्यक्ष, सचिव पद पर राजेंद्र निर्वाचित
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गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव में संयुक्त मोर्चा गुट का दबदबा रहा। लगातार चौथी बार जीत हासिल कर अध्यक्ष और सचिव पद पर कब्जा जमाया है।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार सुबह दस बजे सिविल कोर्ट के बाहर बने सभागार में बार एसोसिएशन चुनाव का मतदान शुरू हुआ। वोटिंग का टाइम बीतने पर शाम चार बजे मतगणना शुरू हुई, जिसमें संयुक्त मोर्चा गुट के चौधरी अमरपाल सिंह ने 102 वोट लेकर विपक्षी खेमे के सीएस यादव को 53 मतों से पराजित कर दिया। सचिव पद पर भी संयुक्त गुट के राजेंद्र सिंह चौहान ने 84 वोट लेकर विपक्षी गुट के संजीव चौहान को 17 वोटों से हरा दिया। चुनाव परिणाम की घोषणा होते ही विजयी खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई, जबकि पराजित प्रत्याशी और उनके समर्थक चुपचाप वहां से चले गए। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष सुबोध त्यागी, नरेंद्र गुप्ता, बलराज त्यागी, ओमपाल मावी, नरेश गिल, सतेंद्र चौधरी, सुरेंद्र नागर, रामौतार पुंडीर, नरेंद्र त्यागी, राकेश सक्सेना, राकेश मोहन, नरेश शर्मा, ठाकुर सुकेंद्र, रोहताश सिंह, धनवंत राय, विक्की गुप्ता, सुहेल आलम, महताब चौधरी, केएल चौहान, चंद्रशेखर शर्मा, बब्लू भाटी, जितेंद्र गुर्जर, सुखबीर मोरल, राजकुमार चौधरी ने खूब जश्न मनाया। इसके अलावा कलीम खां, प्रवेश चौहान, रविंद्र चौधरी, इंतजार, दिग्विजय सिंह, संदीश कुमार, बीएस त्यागी, हिमांशु त्यागी, संजीव सैनी, अनिल चौहान, हरिशंकर राणा, अभिनेंद्र चौहान, नरेश लोधी, धीरज लोधी, गुलफाम, प्रदीप, इंतजार, राज जयंत, विपिन शर्मा, विकास पुंडीर, पियूष गोयल, सबिहा चौधरी, शुमाइला खान, इंद्रजीत शर्मा, रामपाल चौहान, कृपाल सिंह, दिनेश त्यागी, मोहित गुप्ता समेत विजयी खेमे के वकीलों ने मिठाईयां बांटकर खुशी मनाई।
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निर्विरोध हुए थे निर्वाचित
बार चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर मुकेश शर्मा, कोषाध्यक्ष पर पवन कंसल, सह सचिव पर फरहान खान और लेखा निरीक्षक पद पर निरंजन खड़गवंशी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रकाश चौहान और सहायक चुनाव अधिकारी अशरफ अली ने बताया कि 152 वकीलों में नैनपाल सिंह को छोड़कर सभी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जिनमें सभी वोट पूरी तरह सही पाई गईं।
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दिनभर गहमा गहमी और दावों का दौर चलता रहा।
मतदान संपन्न होने तक सिविल कोर्ट के बाहर गहमा-गहमी का माहौल रहा, जहां वोट डालने आ रहे वकीलों के लिए दावतों का भरपूर इंतजाम था। वहीं वोटिंग और काउंटिंग के दौरान कई बार ऐसे मौके भी आए जब दोनों ही खेमों के वकील अपनी जीत पक्की बताकर नाचते नजर आए, हालांकि चुनाव परिणाम आते ही सारी कयास बाजियों पर पूरी तरह विराम लग गया।
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