एसडीएम और ईओ ने कांजी हाउस का निरीक्षण किया
गढ़मुक्तेश्वर। एसडीएम और पालिका ईओ ने मंगलवार को कांजी हाउस का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पशुओं के चारा पानी और बेहतर रखरखाव समेत चिकित्सकों को भी नियमित तौर पर पशुओं की जांच पड़ताल करने की हिदायत दी।
आवारा पशुओं के रखरखाव के लिए जनपद में फिलहाल गो संरक्षण केंद्र की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिसके चलते पालिका क्षेत्र समेत जिला मुख्यालय में पकड़े जा रहे आवारा पशुओं को गढ़ में नक्का कुआं मंदिर के पास कांजी हाउस में बंद किया जा रहा है, जिसमें क्षमता के मुकाबले अधिक पशु पहुंचने से कमजोर पशुओं को सांड़ समेत ताकतवर पशुओं के हमले झेलने पड़ रहे हैं। एसडीएम ज्योति राय ने कांजी हाउस का औचक निरीक्षण कर उसमें बंद आवारा पशुओं को पालिका स्तर से मुहैया हो रही सुविधाओं का जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि पालिका प्रबंधन को कांजी हाउस में बंद आवारा पशुओं के लिए चारा पानी देखरेख समेत ठंड से बचाव की व्यवस्था को और भी बेहतर करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें कोई भी खामी सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी। पशु चिकित्सकों को भी नियमित तौर पर कांजी हाउस में बंद पशुओं की जांच पड़ताल कर उनमें बीमार पाए जाने वालों को इलाज करने की हिदायत दी गई है। पालिका ईओ अमिता वरुण ने बताया कि कांजी हाउस में बंद पशुओं पर रात के अंधेरे में भी नजर रखने को बिजली की व्यवस्था करा दी गई है।
गाय और सांडों को अलग रखने को बेरिकेडिंग कराई
- हिंदू युवा वाहिनी कार्यकर्ता टिंकू शर्मा, राजकुमार वर्मा, कुलदीप शर्मा, नितेश पंडित, राजेंद्र कैलाशी, जितेंद्र सैनी, मोनू सैनी, प्रदीप रावत ने बताया कि उनकी मांग पर गाय और सांडों को अलग रखने को कांजी हाउस में बेरिकेडिंग करा दी गई है, जबकि दोनों शिफ्टों में सुबह शाम चारे की व्यवस्था भी की जाएगी।
कोट
चेयरमैन सोना सिंह ने बताया कि गढ़ में नक्का कुआं मंदिर के पास वाले कांजी हाउस में पशुओं की तादाद 107 होना क्षमता के मुकाबले कहीं अधिक है, जबकि ब्रजघाट में रामलीला मैदान से सटी टंकी मैदान में भी 42 पशु पहुंच चुके हैं। इसलिए फिलहाल पालिका के पास आवारा पशु रखने को कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।