जिलेभर के अधिकांश पब्लिक स्कूलों में
अधिकतम 7 फीसदी तक बढ़ी फीस
हापुड़। फीस नियंत्रण कानून के आते ही जिले के विद्यालयों में फीस बढ़ोतरी की रफ्तार पर काफी हद तक ब्रेक लगा है। क्योंकि पहले सभी स्कूल प्रबंधन मनमर्जी फीस वृद्धि कर देते थे। अधिकांश स्कूलों ने सत्र 2018-19 में फीस में अधिकतम 7 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। कुछ विद्यालयों ने एनुअल और ट्रांसपोर्ट चार्ज में बंपर बढ़ोतरी कर अभिभावकों को परेशानी में डाल दिया है।
दिल्ली पब्लिक स्कूल
प्रीत विहार स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य मीना आनंद ने बताया कि उन्होंने सत्र 2018-19 के लिए फीस में कोई वृद्धि नहीं की है। सत्र 2017-18 में जितनी फीस ली गई थी, इस बार भी छात्रों से उतनी ही फीस ली जा रही है।
श्रीमती ब्रह्मादेवी बालिका विद्यालय
मोदीनगर रोड स्थित श्रीमती ब्रह्मादेवी सरस्वती बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्य अलका गुप्ता ने बताया कि उनके विद्यालय की फीस पहले से ही काफी कम रही है, वर्तमान सत्र में भी फीस में महज 6 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
एलएन पब्लिक स्कूल
गढ़ रोड स्थित एलएन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य डा. आराधना बाजपेयी ने बताया कि शुल्क निर्धारण अधिनियम के तहत ही उन्होंने फीस निर्धारित की है। फीस में औसतन 6.50 फीसदी ही बढ़ोतरी की गई है।
एसबीएम स्कूल
मोदीनगर रोड स्थित सरस्वती बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य सुनील शर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में फीस में सिर्फ 6.50 फीसदी ही बढ़ोतरी की गई है। शुल्क निर्धारण अधिनियम के तहत ही फीस ली जा रही है।
क्या कहते हैं अभिभावक
अभिभावक संघ के अध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि उनके बच्चे दीवान स्कूल में पढ़ते हैं। उक्त विद्यालय ने फीस में बंपर वृद्धि की है। एनुअल चार्ज को काफी बढ़ा दिया है। इससे अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। शुल्क निर्धारण अधिनियम के तहत ही फीस ली जाए।
अभिभावक सुशील कुमार ने बताया कि उनके बच्चे दीवान पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। यहां ट्यूशन फीस में 9 फीसदी, एनुअल चार्ज में 9 से 23 फीसदी, ट्रांसपोर्ट सेवा को लगभग दोगुना कर दिया गया है। ऐसे में अभिभावकों को काफी परेशानी हो रही है।
-कुछ स्कूलों ने एनुअल चार्ज और ट्रांसपोर्ट के शुल्क में की बंपर वृद्धि
-अभिभावकों के भड़कने का मुख्य कारण बन रहा यह बढ़ा शुल्क